बिजनौर। नूरपुर से बसपा के प्रत्याशी रहे गौहर इकबाल को फिर से पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है। गौहर इकबाल को अनुशासनहीनता व पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप लगाया गया है। गौहर इकबाल का कहना है कि विधायक लोकेंद्र चौहान के अंतिम संस्कार में शामिल होने का उन्हें यह खामियाजा भुगतना पड़ा है। इस बात को लेकर बसपा के नेता उनसे नाराज हो गए थे।
गौहर इकबाल ने नूरपुर विधानसभा से बसपा का चुनाव लड़ा था। वे बसपा के पुराने नेता हैं। उनकी गिनती पूर्व गिनती नसीमुद्दीन सिद्दीकी के नजदीकी लोगों में थी। नसीमुद्दीन सिद्दीकी के साथ ही उन्हें भी पार्टी से बाहर निकाल दिया गया था। पिछले दिनों उनकी बसपा में फिर से वापसी हुई थी। बसपा जिलाध्यक्ष अखिलेश कुमार के मुताबिक पार्टी विरोधी गतिविधि व अनुशासनहीनता में लिप्त होने के कारण गौहर इकबाल को पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है। गौहर इकबाल के मुताबिक लोकेंद्र चौहान इलाके के लोकप्रिय विधायक थे। हर दल के नेता उनके अंतिम संस्कार में शामिल हुए। वह भी शामिल हुए थे और उन्होंने विधायक के निधन पर शोक जताया था। इस बात पर बसपा के नेता उनसे नाराज हो गए थे। उन्होंने बसपा के नेताओं से कहा भी था कि किसी नेता की मौत को पार्टी से जोड़कर नहीं देखा जाता। तमाम दलों के नेता वहां मौजूद थे। इसके बाद भी उन्हें पार्टी से निष्कासित किया गया।