बिजनौर। वाहन चालकों के लिए एक अच्छी खबर है। अब वाहन चालक बिना कामर्शियल लाइसेंस के ही भारी वाहनों का संचालन कर सकेंगे। केवल बस और ट्रक को छोड़कर सभी वाहनों का संचालन लाइट मोटर व्हीलकल (एलएमवी) से ही किया जाएगा। साथ ही चालकों को प्रत्येक तीन साल पर कराने वाले लाइसेंस के नवीनीकरण से भी छुटकारा मिलेगा। जनपद बिजनौर में यह व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है। नई व्यवस्था को शुरू करने के लिए शासनादेश एआरटीओ को मिल चुका है।
सुप्रीम कोर्ट और सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय भारत सरकार के आदेशानुसार ड्राइविंग लाइसेंस के नियमों में बदलाव किया गया है। मोटर यान अधिनियम के अंतर्गत मध्यम एवं भारी भार एवं यात्री वाहनों को चलाने के लिए ट्रांसपोर्ट लाइसेंस की आवश्यकता नहीं होगी। हल्के मोटरयान श्रेणी के परिवहन यान को चलाने के लिए कॉमर्शियल लाइसेंस की जरूरत नहीं है। टैक्सी, ई-रिक्शा या हल्के गुड्स व्हीकल चलाने के लिए अब कॉमर्शियल ड्राइविंग लाइसेंस की आवश्यकता नहीं है। आप अपने निजी मोटर व्हीकल एलएमवी डीएल होने पर भी चला सकेंगे।
बता दें कि वर्तमान में यात्री वाहन हो या फिर हल्के एवं भारी व्यवसायिक वाहन, उसे चलाने के लिए कॉमर्शियल डीएल जरूरत होती है। कॉमर्शियल लाइसेंस पहले एक साल निजी डीएल बनने के बाद ही बनवाया जा सकता है। 7500 किलोग्राम तक के वजन वाले गुड्स यानी व्यवसायिक वाहनों का संचालन एलएमवी से किया जा सकता है। उन्हें अलग से किसी भी तरह के लाइसेंस बनवाने की जरूरत नहीं है। एआरटीओ प्रशासन आलोक कुमार ने बताया कि ऑटो, टेंपो, जेसीबी, ट्रैक्टर आदि वाहन एलएमवी से चलाए जाएंगे, जबकि ट्रक, मिनी ट्रक, बस, मिनी बस आदि वाहनों का संचालन कॉमर्शियल लाइसेंस से किया जाएगा। एआरटीओ के मुताबिक व्यवसायिक वाहन की श्रेणी से टैक्सी, इनोवा, बोलेरो, मार्शल, जीप, ऑटो, टेंपो, ट्रैक्टर, टाटा 407, छोटा हाथी, पिकअप, जेसीबी वाहनों को हटा दिया गया है।
तीन साल पर नहीं कराना पड़ेगा नवीनीकरण
नई व्यवस्था से कॉमर्शियल ड्राइविंग लाइसेंस धारक को अब हर तीन साल पर लाइसेंस का नवीनीकरण नहीं कराना पड़ेगा। एआरटीओ प्रशासन आलोक कुमार के मुताबिक अब कॉमर्शियल ड्राइविंग लाइसेंस का नवीनीकरण एलएमवी श्रेणी के अनुसार किया जाएगा।