बिजनौर। स्वास्थ्य विभाग में वर्ष 2016 में हुए तीन करोड़ 11 लाख रुपये के घोटाले की फाइल गायब होने से विभाग में खलबली मच गई। छानबीन के दौरान फाइल सीएमओ कार्यालय से स्थानांतरण हुए एक लिपिक के पास मिली। लिपिक ने सीएमओ को फाइल रविवार को लौटाने का वादा किया।
बिजनौर सीएमओ कार्यालय के एनएचआरएम में वर्ष 2016 में तीन करोड़ 11 लाख का घोटाला सामने आया था। घोटाले में फर्जी पीएफएमएस बनाकर जनपद से बाहर की चार कंपनियों को दस बार में यह पेमेंट किया गया था। इस मामले में एक बाबू समेत दो जेल में भी बंद है। बृहस्पतिवार को फाइसेंस कंट्रोलर लखनऊ ने फोन पर सीएमओ डा.राकेश मित्तल ने एनएचआरएम घोटाले के बारे में पूछताछ की और फाइल भी मांगी। इस पर सीएमओ ने फाइल लाने को कहा, सीएमओ कार्यालय के लिपिकों ने फाइल को काफी ढूंढा लेकिन फाइल नहीं मिली। फाइल नहीं मिलने से सीएमओ कार्यालय के स्टाफ में हड़कंप मच गया। पूरे दिन फाइल गायब होना चर्चा का विषय बना रहा। बाबुओं ने सीएमओ से बताया कि यहां से स्थानांतरण हो चुके लिपिक पर फाइल हो सकती है। सीएमओ ने फोन पर बाबू से संपर्क साधा और लिपिक ने रविवार को फाइल लौटाने का वादा किया। सीएमओ डा.राकेश मित्तल ने बताया कि घोटाले संबंधी फाइल स्थानांतरण हो चुके लिपिक पर है। लिपिक ने रविवार को फाइल लौटाने को कहा है।