नजीबाबाद/बड़िया। सूकरो नदी पर बने रेलवे पुल की दोनों ओर मिट्टी धंसने के कारण रेल मार्ग दूसरे दिन भी ठप रहा। मंडलीय तकनीकी विभाग के रेल अधिकारी शुक्रवार को घटनास्थल पर डेरा डाले हैं।
नजीबाबाद-कोटद्वार ब्रांच लाइन पर करीब छह करोड़ रुपये की लागत से बने नवनिर्मित रेल पुल की एप्रोच चार माह के भीतर ध्वस्त हो गई। एप्रोच की मिट्टी बह जाने से करीब 10 मीटर लंबाई में रेलवे ट्रैक हवा में झूल गया। घटना की सूचना मिलते ही मंडलीय रेल अधिकारी घटनास्थल पर पहुंच गए। एडीआरएम संजीव मिश्रा, सीनियर डीईएन प्रथम पारितोष गौतम, सीनियर डीईएन कोऑर्डिनेशन आरपी सिंह, एडीईएन करनप्रीत सिंह, सीनियर पीडब्लूआई केएल वर्मा के नेतृत्व में एप्रोच ठीक करने का रेस्क्यू अभियान शुक्रवार को शुरू किया गया था। रात दिन काम के बावजूद ब्रांच लाइन पर ट्रेनों का संचालन शनिवार शाम शुरू नहीं हो सका था।
कोटद्वार-दिल्ली के बीच चलने वाली गढ़वाल एक्सप्रेस शनिवार को भी नजीबाबाद तक सीमित रही। जिससे कोटद्वार के यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ा। उधर, सूकरो नदी पर ही बने मेरठ-पौड़ी हाईवे के क्षतिग्रस्त रेल पुल की मरम्मत के लिए नेशनल हाईवे लोनिवि ने मरम्मत को गंभीरता से नहीं लिया, जिसके चलते शुक्रवार और शनिवार को खतरनाक ढंग से क्षतिग्रस्त मार्ग से वाहनों का आवागमन जारी रहा। एसडीएम उद्भव त्रिपाठी ने तत्काल नेशनल हाईवे को दुरुस्त कर सड़क यातायात को सुचारू करने लोनिवि अधिकारियों को निर्देश दिए।
आज से चलेंगी ट्रेनें
नजीबाबाद। कोटद्वार ब्रांच लाइन पर रविवार (आज) ट्रेनों का संचालन फिर से शुरू हो जाएगा। शुक्रवार को सुबह छह बजे सूकरो नदी में अचानक जलस्तर बढ़ने और पुल की एप्रोच कटने के बाद से नजीबाबाद-कोटद्वार के बीच चलने वाली पैसेंजर ट्रेनों का संचालन रद कर दिया गया था। जबकि कोटद्वार-दिल्ली के बीच चलने वाली गढ़वाल एक्सप्रेस का संचालन नजीबाबाद स्टेशन से किया जा रहा था।