कालागढ़ (बिजनौर) (ब्यूरो)। रामगंगा बांध परियोजना पर चल रहे बांध के क्लोजर के दौरान रामगंगा नदी में पहाड़ों पर हो रही बारिश का पानी के आने से जलाशय में बना अस्थाई तटबंध ध्वस्त हो गया। पानी तटबंध को तोड़कर टीटू सुरंग के चारों ओर फैल गया। टीटू सुरंग का गेट बंद कर देने से वहां बड़ा हादसा टल गया। अधीक्षण अभियंता अशोक कुमार राणा के अनुसार टीटू सुरंग और बटरफ्लाई वाल्व व उसमें काम करने वाले सभी अधिकारी, कर्मचारी व श्रमिक आदि सुरक्षित हैं। अब टीटू सुरंग की बाउंड्री का काम किया जा रहा है।
रामगंगा बांध परियोजना पर इन दिनों क्लोजर का काम चल रहा है। ऐसे में बांध निर्माण के बाद पहली बार टीटू सुरंग को 45 वर्ष मे क्लोजर के लिए खोला गया है। इसमें हो रहे लीकेज आदि को दुरुस्त किया जा रहा है। इसके अलावा गेटों की सील, वाल्व की मरम्मत, पानी के अंदर मशीनरी आदि पर एपोक्सी पेंट का काम चल रहा है। इन सभी के लिए टीटू, टी वन सुरंगों को पानी से बाहर किया गया। जिसके लिए बांध के जलाशय का पानी निकाल दिया गया। वहीं बांध के जलाशय में एक अस्थाई तटबंध स्थापित किया गया, जिससे सुरंगे पानी से दूर रहें। सोमवार को अचानक पहाड़ों पर हुई बारिश का पानी बांध के जलाशय में आ गया। पानी का प्रवाह इतना तेज था कि उसने जलाशय में बने अस्थाई तटबंध को ध्वस्त कर टीटू सुरंग को चारों ओर से घेर लिया। इसी दौरान वहां काम करने वालों ने टीटू सुरंग का गेट बंद कर दिया, जिससे पानी सुरंग में नहीं घुस पाया। इस दौरान सुरंग से सभी काम करने वाले बाहर पहुंच चुके थे। जिससे हादसा टल गया। इस बारे में बांध के अधीक्षण अभियंता अशोक कुमार राणा का कहना है कि वर्तमान में क्लोजर का काफी काम पूरा हो गया है। टीटू सुरंग की बाउंड्री पर कुछ काम किया जा रहा है। टी टू सुरंग से जुड़ी गेटों की सील आदि बदली जा चुकी है। कई वाल्व सही हो गए हैं। बटरफलाई वाल्व का भी काफी काम हो चुका है। ऐसे में ही पानी आ गया था। सभी सुरक्षित है।
17 जून को ही चेताया था अफसरों ने
17 जून को रामगंगा बांध के क्लोजर का निरीक्षण करने आए उत्तर प्रदेश के प्रमुख अभियंता कुनाल कुलश्रेष्ठ ने रामगंगा भवन में हुई बैठक के दौरान आला अफसरों को कहा था कि अब पानी के भंडारण का समय आ गया है। ऐसे मे क्लेाजर कार्य को 48 घंटों में पूरा कर लिया जाए। जलाशय में पानी का भंडार किया जाए।
क्या है टीटू सुरंग का कार्य
रामगंगा बांध पर बनी टीटू सुरंग को जलाशय में काफी गहराई पर बनाया गया है। इस सुरंग से बांध से सीधे पानी की निकासी नदी में सिंचाई के लिए की जाती है। इस सुरंग का निर्माण बांध के निर्माण के दौरान किया गया था।
पहाड़ों पर हो रही बारिश के कारण जलाशय में घुसा पानी
टीटू सुरंग पर अधिकारियों की सूझबूझ से बड़ा हादसा टला
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