प्रतिदिन कुल मौत का आंकड़ा बीस के पार
जिला अस्पताल में औसतन रोज दस मौत हो रही हैं। इसके अलावा जिलेभर में दस से ज्यादा लोग ऐसे हैं, जो प्राइवेट अस्पतालों में या घरों पर ही दम तोड़ रहे हैं। अधिकांश की कोरोना जांच नहीं हुई, लेकिन सांस लेने में परेशानी, फेफड़ों में संक्रमण जैसी समस्या अधिकांश को हो रही। यदि कुल आंकड़े पर नजर डालें तो हर रोज बीस से ज्यादा लोग बीमारी से जान गवां रहे हैं। इन मौतों के आगे स्वास्थ्य विभाग भी लाचार नजर आ रहा है। ऐसे में लोगाें को खुद ही सतर्क रहने की जरूरत है।
85 प्रतिशत को फेफड़ों का इंफेक्शन
जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. ज्ञानचंद कहते हैं कि जो लोग कोविड सस्पेक्टेड वार्ड में भर्ती होने आ रहे हैं, उनमें 85 प्रतिशत को सांस लेने में तकलीफ, फेफड़ों में संक्रमण, न्यूमोनिया के लक्षण थे। अधिकांश मौत इन्हीं समस्या से पीड़ित मरीजों की हुई है। इस समय दस वेंटिलेटर संचालित कर दिए गए हैं। चार वेंटिलेटर खराब हैं और दस वेंटिलेटर मुरादाबाद जिला अस्पताल को भेज दिए गए हैं। मौत के आंकड़े के बारे में पता कराया जा रहा है।
जानकारी में नहीं: डीएम
डीएम रमाकांत पांडेय ने कहा कि यह मेरी जानकारी में नहीं है। कोरोना से मरने वालों की जानकारी पोर्टल पर उपलब्ध है। सस्पेक्टेड वार्ड में जिनकी मौत हुई है, उन्हें कोरोना से जोड़ना ठीक नहीं। उनकी मौत का कारण क्या रहा, इसका पता कराया जाएगा।