बिजनौर। जिले में औद्योगिक विकास को गति देने के उद्देश्य से किए गए निवेश समझौते (एमओयू) अभी तक अपेक्षित रूप से धरातल पर नहीं उतर पाए हैं। जिले में 10 हजार करोड़ रुपये से अधिक के निवेश को लेकर कुल 294 एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए थे। इनमें से कई अब भी क्रियान्वयन की प्रक्रिया में अटके हुए हैं।
जिले में 294 हस्ताक्षरित एमओयू के सापेक्ष 124 इकाइयां ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी (जीबीसी) के लिए तैयार हैं। वहीं 89 औद्योगिक इकाइयों में व्यावसायिक उत्पादन शुरू हो चुका है। इसके अलावा 35 एमओयू अभी लंबित हैं, जबकि 20 इकाइयां निर्माणाधीन अथवा प्रगति पर हैं। एमओयू के अंतर्गत क्रियाशील औद्योगिक इकाइयों के माध्यम से जिले में लगभग 58 हजार से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार प्राप्त हो चुका है।
गत दिनों में उद्योग बंधुओं की बैठक में जिलाधिकारी जसजीत कौर ने उपायुक्त उद्योग व अन्य अधिकारियों को निवेशकों और उद्यमियों को औद्योगिक स्थापना के दौरान आने वाली समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर निर्देश दिए थे।
ताकि जिले में औद्योगिक गतिविधियों में तेजी लाई जा सके। नए निवेशकों की पहचान कर एमओयू कराने के प्रयास तेज करने को कहा था। जिला उद्योग केंद्र के उपायुक्त अमित कुमार ने बताया कि लंबित एमओयू के क्रियान्वयन में आ रही बाधाओं को दूर किया जा रहा है।े