फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कृषि कानूनों के विरोध में 20 बीघा फसल जोती

विज्ञापन
गांव पोटा गांवड़ी निवासी कृषि कानूनों के विरोध में गेहूं की फसल जोतता किसान। - फोटो : BIJNOR
विज्ञापन
कृषि कानूनों के विरोध में 20 बीघा फसल जोती
विज्ञापन

हल्दौर। गांव कुंडा और पोट्टा गांवड़ी में दो किसानों ने तीनों कृषि कानूनों के विरोध में अपनी दस-दस बीघा गेहूं और सरसों की खड़ी फसल ट्रैक्टर हैरो से जोतकर पूरी तरह बर्बाद कर दी। साथ ही कुछ किसानों ने गेहूं क्रय केंद्रों पर अपना गेहूं नहीं बेचने का निर्णय लिया है।
गांव कुंडा निवासी भाकियू के वरिष्ठ कार्यकर्ता पुष्पेंद्र सिंह ने कृषि कानूनों के विरोध में रविवार दोपहर अपनी दस बीघा गेहूं की खड़ी फसल ट्रैक्टर और हैरो से जोत दी। आरोप है कि सरकार किसानों से खुन्नस निकाल रही है। सरकार ने किसानों के साथ पूरी तरह वादाखिलाफी की है। सरकार द्वारा पारित तीनों कृषि बिल किसानों के कतई भी हित में नहीं है। किसानों को गन्ने की पर्चियां पर्याप्त मात्रा में नहीं मिल पा रही हैं। उनका कहना है कि इस बार वह सरकारी क्रय केंद्रों पर एक दाना भी गेहूं का नहीं बेचेंगे। साथ ही अन्य किसानों के साथ मिलकर तीनों कृषि बिलों का पुरजोर विरोध करेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

उधर गांव पोट्टा गांवड़ी निवासी किसान सुरेश सिंह ने अपनी खेत में खड़ी दस बीघा सरसों की फसल को ट्रैक्टर और हैरो से जोत दिया। किसान सुरेश सिंह का कहना है कि वह सरकार के बिचौलियों और दलालों को खदान के एक दाने की भी कमीशन खोरी नहीं करने देंगे। वह अपनी उतनी ही फसल उगाएंगे जितने कि उनके परिवार का गुजारा हो सके । कृषि विलो के विरोध में कुछ क्षेत्रीय किसान महिलाएं भी अपने घरों पर चूल्हा चौका व अन्य जरूरी कामों को छोड़कर अन्य किसानों के साथ विरोध प्रदर्शन में भरपूर सहयोग करने में लगी है। इस मौके पर भारतीय किसान यूनियन के जिला संगठन मंत्री राजेंद्र चौधरी, भूपेंद्र सिंह, दिलावर सिंह, पूर्व ग्राम प्रधान गजे सिंह ,मलखान सिंह, ब्रह्मपाल सिंह, ऋषि राज सिंह ,तारा सिंह, समर पाल सिंह, दीपेंद्र सिंह ,विनोद कुमारी, ज्योति कुमारी ,रूपा देवी, नेहा देवी ,ओमवती देवी ,सुनीता देवी ,देवेंद्री देवी आदि अनेक किसान मौजूद रहे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें