फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

उम्मीद से कम पहुंच रहा सरकारी क्रय केंद्रों पर गेहूं

विज्ञापन
नगीना-कोतवाली मार्ग पर स्थित गेहूं क्रय केंद्र। - फोटो : BIJNOR
विज्ञापन
सरकारी केंद्रों पर आठ दिन में 194 मीट्रिक टन पहुंचा गेहूं
विज्ञापन

बिजनौर। जनपद में गेहूं की कटाई और थ्रेसिंग का कार्य तेजी से चल रहा है। इसके बाद भी सरकारी गेहूं क्रय केंद्रों पर आठ दिन में करीब 31 किसानों ने 194 मीट्रिक टन गेहूं की ब्रिकी की है। शासन व विभाग की ओर किसानों को बहुत सुविधाएं दी जा रही है। गेहूं की बिक्री करने आने वाले किसानों का बैंक खाता आधार बेस है, तो 12 घंटे में खरीद की धनराशि उनके खातों में पहुंच रही है, वरना 24 घंटे में पहुंच रही है। इसके बाद भी किसानों को प्राइवेट व्यापारी भा रहे हैं। व्यापारी गांव-गांव पहुंचकर किसानों से 1950 रुपये से लेकर 2020 रुपये क्विंटल तक गेहूं खरीद रहे हैं।
जनपद में एक अप्रैल से करीब 41 क्रेय केंद्रों पर गेहूं खरीद आरंभ हो गई है। आठ क्रय केंद्रों पर गेहूं खरीद हुई है। काफी केंद्रों पर केन्द्र प्रभारी क्रय केंद्रों पर खाली बैठे हैं। केंद्रों पर गेहूं खरीद के लिए पूर्ण तैयारी कर रखी है। इस बार गेहूं खरीद का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2015 प्रति क्विंटल निर्धारित किया है, जबकि बाजार में प्राइवेट दुकानदार व गांवों में खरीदने वाले व्यापारी, चक्की वाले किसानों ने वहां ही 1950 से 2020 रुपये तक खरीद रहे हैं। अप्रैल से पहले करीब 21 सौ रुपये क्विंटल मूल्य तक गेहूं की बिक्री हो गई थी।
विज्ञापन

- यह था जनपद में गेहूं बुवाई का क्षेत्रफल
जनपद में इस बार एक लाख 56 हजार 260 हेक्टेयर क्षेत्रफल में गेहूं बुवाई का लक्ष्य था। इसके सापेक्ष इस बार एक लाख चार हजार 869 हेक्टेयर क्षेत्रफल में ही गेहूं की बुवाई है। यानी लक्ष्य से 51 हजार 391 हेक्टेयर गेहूं बुवाई कम हुई है। उत्पादन भी औसत ही रहा है। गत वर्ष जनपद में एक लाख 49 हजार 447 हेक्टेयर गेहूं बुवाई का लक्ष्य था। इसके सापेक्ष जनपद में एक लाख 50 हजार 352 हेक्टेयर में गेहूं बुवाई हुई थी। यानी 905 हेक्टेयर में ज्यादा गेहूं बुवाई हुई थी। गेहूं बुवाई कम होने का कारण इस बार मौसम भी रहा है। जनपद में गेहूं बुवाई का अधिकांश क्षेत्रफल गन्ने के खाली खेतों में होता है। उस समय मौसम बार-बार खराब होने से गन्ने की चीनी मिलों में आपूर्ति कम हुई थी।
- किसानों से कर रहे जनसंपर्क
केंद्र प्रभारी व वहां तैनात कर्मचारी गेहूं खरीद के लिए क्षेत्र के किसानों से जनसंपर्क कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि खाली समय में किसानों से जनसंपर्क कर गेहूं देने को कहा जा रहा है। जनपद में काफी केंद्र पर गेहूं बिक्री को नहीं पहुंचे। गेहूं खरीद को बढ़ावा देने के लिए यह कदम उठाएं जा रहे हैं।
-सात दिन में 60 क्विंटल हुई गेहूं खरीद
धामपुर। धामपुर में खाद्य एवं रसद विभाग का गेहूं क्रय केंद्र किसानों के गेहूं बेचने के लिए न आने से सूना पड़ा है। खरीद केंद्र की स्थिति बहुत बदहाल बनी है। केंद्र को 30 हजार क्विंटल गेहूं खरीद का लक्ष्य दिया गया है। पर सात दिन में तक केवल 60 क्विंटल गेहूं की ही खरीद हो पाई है। खरीद न के बराबर होने का मुख्य कारण गेहूं के सरकारी रेट की तुलना में बाजार का भाव अधिक होना माना जा रहा है। धामपुर के बाजार में 22 सौ रुपये प्रति क्विंटल खरीद पहुंच गई है। किसान हरिदास सिंह, कविराज का कहना है कि सरकार के दाम बाजार से कम है और खुले मार्केट में अच्छे दाम हैं।
सात दिन में 60 क्विंटल की हुई खरीदारी
धामपुर केंद्र के वरिष्ठ बाबू मनोज कुमार बताते हैं कि यहां पर 12 अप्रैल से तौल शुरू हुई है। सात दिन में 30 हजार के सापेक्ष 60 क्विंटल गेहूं की खरीदारी ही हुई है। केंद्र पर पर्याप्त बारदाना हैं। लेकिन लेबर किसी भी कीमत पर हाथ नहीं आ रही है।
विज्ञापन

जनपद में सरकारी गेहूं क्रय केंद्रों पर करीब 31 किसानों ने 194 मीट्रिक टन गेहूं की ब्रिकी की है। किसानों को बहुत सुविधाएं दी जा रही है। गेहूं की बिक्री करने आने वाले किसानों का बैंक खाता आधार बेस होने पर 12 घंटे में खरीद की धनराशि उनके खातों में पहुंच रही है। साथ ही किसानों से संपर्क भी किया जा रहा है।
-अमित द्विवेदी, डिप्टी आरएमओ।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें