धामपुर। किसानों का आरोप है कि गन्ना विकास परिषद और समिति के अधिकारियों को कई बार अवगत कराने के बाद भी अधिकांश किसानों के नए गन्ना सट्टे बंद हैं। शिकायत के बाद भी सुनवाई नहीं हो रही है। आरोप है कि अधिकांश किसानों के ऐसे सट्टों को फिर से चालू करा दिया है। जो एक ही नाम से एक से अधिक सट्टे थे। ऐसे सट्टों की जांच कर गलत पाने पर उन्हें बंद कराने और इसमें संलिप्त कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग की है।
शुक्रवार को अधिकांश किसान गन्ना समिति के सभापति कुशल पाल सिंह ने मिले। सभापति को अवगत कराया कि उनकी ओर से नए सट्टे चालू कराने के लिए गन्ना समिति और गन्ना परिषद के पर्यवेक्षकों को सारी प्रक्रिया को पूरा करने के बाद फाइलों को उपलब्ध करा दिया गया है, पर आधा गन्ना सीजन बीतने के बाद भी उनके सट़्टे अभी तक नहीं चल पाए हैं, जिससे उनमें असंतोष है। उनका गन्ना खेतों में खड़ा है। किसान नरपत सिंह, भूरा सिंह, कृपाल सिंह, दिनेश कुमार, गणेश सिंह का कहना है कि यह गलती गन्ना पर्यवेक्षकों के स्तर से हुई है। क्षेत्र में कई ऐसे गांव शामिल है। जो एक नाम से ज्यादा है। पर्यवेक्षकों की ओर से गलत अपडेट कराने से उनके सट्टों को चालू होने में दिक्कत आ रही है। किसानों ने नए गन्ना सदस्य बनाने के नाम पर भी पर्यवेक्षकों पर मनमाने तौर पर वसूली करने का आरोप लगा जांच कर कार्रवाई करने की मांग की। बताया कि गन्ना पर्यवेक्षक सदस्य बनाने को रसीद केवल 21 रुपये की काटी जा रही है। किसानों ने मामलेे की जांच कराकर कार्रवाई कराने की मांग की है। वहीं एससीडीआई अमित कुमार पांडेय ने लगे आरोपों को गलत बताया। कहा कि उनके स्तर से अब तक 4500 से ज्यादा नए किसानों के सट्टे चालू कराए गए है। यदि किसी के सामने कोई प्रॉब्लम है तो वह अवगत कराएं। उनकी समस्या का निदान कराने का प्रयास होगा। सभापति कुशलपाल सिंह का कहना है कि मामला गंभीर है। वह एससीडीआई और गन्ना समिति के विशेष सचिव से वार्ता कर समस्या का जल्द निदान कराने का प्रयास करेंगे।