मुख्य अध्यापक पर अधिकारियों को गुमराह करने का आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
धामपुर। बसेड़ा खेमचंद के प्राथमिक विद्यालय में तैनात मुख्य अध्यापक विभागीय अधिकारियों को गुमराह कर सरकारी सेवा शर्तों के नियम विरुद्ध वेतन लेता रहा और अधिकारियों को इसकी भनक तक नहीं लगी। शिक्षक बिना छुट्टी लिए स्कूल के रजिस्टर में उपस्थिति लगाकर न्यायालय में भी पेश होता रहा। मामला उजागर होने पर विभागीय अधिकारी मामले की जांच में जुटे हैं।
गांव के अरविंद कुमार ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि वह गांव के ही प्राथमिक विद्यालय में शिक्षामित्र है। इसी विद्यालय में गांव के महेशपाल मुख्य अध्यापक हैं। मुख्य अध्यापक का बिजनौर कोर्ट में केस चल रहा था। लंबे समय से मुख्य अध्यापक इस मामले में कोर्ट में पेश होता रहा। दो नवंबर 2016, 11 नवंबर 2016, 23 नवंबर 2016 और 27 नवंबर 2016 को भी मुख्य अध्यापक न्यायालय में पेश हुए। इस दौरान मुख्य अध्यापक ने सरकारी सेवा शर्तों के साथ धोखाधड़ी करते हुए कोर्ट को भी गुमराह किया। मुख्य अध्यापक ने कोर्ट में पेशी के दौरान स्कूल के रजिस्टर में अपनी उपस्थिति दर्ज कर रखी है। इस मामले में सीता रानी ने जब विभागीय अधिकारियों से आरटीआई के तहत सूचना मांगी तो मुख्य अध्यापक की पोल खुलकर सामने आ गई। आरोप है कि मुख्य अध्यापक तब से विभागीय अधिकारियों को गुमराह कर वेतन का आहरण करता चला आ रहा है। इसके लिए मुख्य अध्यापक ने उसे धमकाते हुए स्कूल के रजिस्टर चोरी करने का आरोप लगाया। मुख्य अध्यापक ने शिक्षामित्र पर जरूरी कागजात चोरी करने का आरोप लगा पुलिस को तहरीर दी। पुलिस जांच में मुख्य अध्यापक के आरोप झूठे पाए गए। जब इस मामले का पता विभागीय अधिकारियों को लगा तो हड़कंप मच गया। वहीं, महेशपाल ने आरोपों को निराधार बताया है।
मामले की जांच के बाद होगी कार्रवाई : बीईओ
एबीएसए योगेश पाल का कहना है कि ऐसा मामला संज्ञान में नहीं है। पूरे प्रकरण की जांच कराई जाएगी, यदि मामला सही पाया जाता है तो आरोपी मुख्य अध्यापक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। वहीं, कोतवाल ( कानून व्यवस्था ) राजेश यादव ने क्षेत्र के दारोगा धर्मपाल सिंह को निर्देशित किया है कि इस मामले में जो भी दोषी हो, उसी के खिलाफ रिपोर्ट कायम कर विभागीय कार्रवाई के लिए बीएसए को रिपोर्ट बनाकर भेजें।