नहीं पिलाई जा रही रोटा वैक्सीन
बिजनौर। जिला महिला अस्पताल में टीकाकरण के साथ बच्चों को डायरिया से बचाव के लिए रोटा वायरस वैक्सीन नहीं पिलाई जा रही है। जिले में एक साल तक के करीब एक लाख पांच हजार बच्चों को यह खुराक पिलाने का लक्ष्य है।
डायरिया एक जानलेवा बीमारी है। इस बीमारी से हर साल जिले भर में सैकड़ों बच्चों की जान चली जाती है। इस बात को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने रोटा वायरस वैक्सीन की शुरुआत की है। जिले में इस कार्यक्रम की शुरुआत पांच सितंबर को डीएम अटल कुमार राय एवं सीएमओ राकेश कुमार मित्तल ने बच्चों को रोटा वायरस वैक्सीन की खुराक पिलाकर की थी। सीएमओ ने जिला महिला अस्पताल, सभी सीएचसी, पीएचसी पर टीकाकरण के साथ यह खुराक पिलाने के निर्देश दिए थे। टीकाकरण सप्ताह में दो बार बुधवार और शनिवार को किया जाता है। सीएमओ के आदेश के बावजूद जिला महिला अस्पताल में नियम का पालन नहीं किया जा रहा है। इस बात का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जब जिला महिला अस्पताल की यह हालत है तो जनपद की सीएचसी, पीएचसी का हाल क्या होगा। सीएमओ राकेश कुमार मित्तल ने बताया कि यह वैक्सीन राष्ट्रीय कार्यक्रम में शामिल की गई है। मामला संज्ञान में नहीं है। इसे नजरअंदाज करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।