डिफॉल्टर किसान मिलों पर नहीं डाल सकेंगे गन्ना
बिजनौर। शासन ने फर्जी सट्टा रोकने के लिए किसानों की घेराबंदी कर दी है। घोषणा पत्र जमा नहीं करने वाले किसानों को सट्टा सुविधा नहीं मिलेगी। इसके बाद ऐसे किसान चीनी मिल पर गन्ना नहीं डाल सकेंगे। गन्ना आयुक्त के निर्देश पर घोषणा पत्र जमा नहीं करने वाले किसानों की सूची बननी शुरू हो गई है।
जिला गन्ना अधिकारी यशपाल सिंह के अनुसार शासन फर्जी सट्टे नहीं चलने देने के लिए कटिबद्ध हैं। गन्ना सर्वे के दौरान किसानों से घोषणा पत्र भरवाया गया था। जिसमें किसान से उसके नाम खेती की जमीन का रकबा आधार कार्ड नंबर मोबाइल नंबर बोई गई गन्ने की प्रजाति आदि एक दर्जन बिंदुओं पर जानकारी मांगी गई थी। किसान को जमीन की पुष्टि के लिए खतौनी लगानी थी। घोषणा पत्र जमा करने की आखिरी तारीख 31 अगस्त थी। इसके बाद गांव-गांव जाकर की गई जांच में करीब 1200 फर्जी सट्टे मिले। अब गन्ना आयुक्त ने घोषणा पत्र जमा नहीं करने वाले किसानों पर शिकंजा कस दिया है। आदेश मे कहा गया हैं कि घोषणा पत्र जमा नही करने वाले किसानों को सट्टा सुविधा नही दी जाए। डीसीओ के मुताबिक टीमों ने समिति वार लिस्ट बनानी शुरू कर दी है। सूची गन्ना आयुक्त को भेजी जाएगी। लखनऊ की टीम आकर जांच करेगी। जिला गन्ना अधिकारी यशपाल सिंह के अनुसार किसानों को प्री अर्थात कच्चे कलेंडर का वितरण शुरू हो गया है। गन्ना आयुक्त के निर्देश पर घोषणा पत्र जमा नही करने वाले किसानों को कच्चा कलेंडर नही दिया जा रहा है।