जिले में शुरू हुई एलोवेरा की खेती
बिजनौर। जिले में एलोवेरा (घृतकुमारी) की खेती शुरू हो गई है। झालू के पास एक किसान ने घृतकुमारी की खेती शुरू की है। यह कायाकल्प औषधि मानी जाती है। गन्ने की खेती के रूप में पहचान बना चुके जिले में किसान द्वारा घृतकुमार की खेती करना नई पहल है।
झालू के किसान विशाल कुमार ने घृत कुमारी की खेती शुरू की है। नूरपुर रोड पर गांव गोलबाग के पास 15 बीघा जमीन में घृत कुमारी की खेती की है। इसकी फसल बेचने में भी किसी तरह की दिक्कत नहीं आएगी। फसल को कंपनियां खेत से ही खरीद लेंगी। इसकी फसल चार साल तक उत्पादन दे सकती है। अब कृषि विभाग और किसानों को भी घृतकुमारी की खेती के लिए जागरूक कर रहा है। एक बीघा जमीन में घृत कुमारी के ढाई हजार पौधे तक लगते हैं। पहले साल में यह एक फसल देती है, इसके बाद साल में दो फसल देती है।
घृतकुमारी की पत्तियों की कीमत सात रुपये से दस रुपये प्रति किलो तक होती है। एक बीघा जमीन में 40 क्विंटल माल तक निकल सकता है। इस तरह एक बीघा जमीन में 40 हजार तक की फसल हो सकती है। घृतकुमारी में कोई रोग या कीट नहीं लगता है, इसलिए इसकी खेती खुद ही जैविक होती है।