40 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से आई अंधी
बिजनौर। बुधवार दोपहर बाद 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से धूल भरी अंधी आई और अंधेरा छा गया। इसके बाद तेज बारिश शुरू हो गई। इस दौरान कई जगह पेड़ टूटकर गिर गए और दुकानों के आगे पड़ी टीन उखड़ गई। आंधी और बारिश ने किसानों का खेल बिगाड़ दिया है। जिन किसानों की गेहूं की फसल की गाही नहीं हुई है और जो गन्ना बोने की तैयारी में थे, बारिश ने उनको काफी नुकसान पहुंचाया है। आम के कच्चे फल भी आंधी में टूटकर गिर गए, जिससे बागों में नुकसान हुआ है।
गेहूं की गहाई करीब 90 प्रतिशत हो चुकी है। किसान गेहूं के खेतों को खाली कर उसमें गन्ना बोने की तैयारी में लगे हैं। इस समय बारिश होने की कोई संभावना नहीं जताई जा रही थी। लेकिन बुधवार को चार बजे अचानक मौसम बदल गया। आसमान में काले बादल छा गए और अंधेरी हो गया। कुछ ही देर में धूल भरी आंधी शुरू हो गई। बाजारों और सड़कों पर मौजूद लोगों ने दुकानों आदि में छिपकर खुद को बचाया। आंधी की गति 40 किलोमीटर प्रति घंटा तक रही, जबकि आमतौर पर हवा की गति तीन-चार किलोमीटर प्रति घंटा तक रहती है। आंधी से कई जगह पर पेड़ टूटकर गिर गए और दुकानों आदि की टीन शेड भी उखड़ गईं। धूल से बचने के लिए व्यापारियों ने अपने प्रतिष्ठान बंद कर दिए।
करीब आधा घंटा आंधी के बाद तेज बारिश शुरू हो गई। बारिश के दौरान भी तेज हवा के झोंके चलते रहे। जिन किसानों की गेहूं की फसल की गाही नहीं हुई या फिर जो गन्ना बोने के लिए खेत तैयार कर चुके थे, उन्हें बारिश से काफी नुकसान होगा। फसल के नम हो जाने के कारण अब चार से पांच तक उसकी गाही नहीं हो सकेगी। साथ ही गेहूं का दाना भी काला पड़ सकता है। किसान जबर सिंह, राकेश कुमार, खलील आदि के अनुसार बेमौसम बारिश परेशानी बन गई है। जिन लोगों ने गन्ना बोने के लिए खेत तैयार करा लिए थे, उन्हें फिर से एक हफ्ते बाद खेत तैयार कराने होंगे। वहीं आम की फसल को आंधी से काफी नुकसान हुआ है। आम की काफी फसल तेज हवा की वजह से टूटकर गिर गई।
जिले भर में विद्युत आपूर्ति प्रभावित
बिजनौर। आंधी के कारण विद्युत लाइनों पर पेड़ टूटकर गिर गए। जिसकी वजह से विद्युत तार टूट गए और जिले भर की विद्युत आपूर्ति कुछ समय के ठप हो गई। हालांकि आंधी की गति धीमी होने पर विद्युत निगम की टीम टूटे तारों को जोड़ने में जुट गई। विद्युत लाइनों पर टूटकर गिरे पेड़ों को भी हटाया गया। नगर क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति शाम तक सुचारु कर दी गई, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों की विद्युत आपूर्ति रात तक बाधित रही।