सुधर जाएं चकबंदी अधिकारी, नहीं तो हम सुधार देंगे
अमर उजाला ब्यूरो
बिजनौर।
प्रशासन द्वारा किसानों की शिकायतों को निपटाने के लिए बुलाई गई बैठक में चकबंदी में धांधलेबाजी और किसानों के उत्पीड़न का मामला छाया रहा। किसानों ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि या तो चकबंदी विभाग के हालात सुधार दो अन्यथा किसान अपने आप चकबंदी अधिकारियों को सुधार देंगे। जिले में दूसरा अशोक प्रकरण नहीं होने देंगे। एक किसान 17 साल बाद भी उड़ान चक की जमीन नहीं मिलने पर बैठक में रो पड़ा।
भाकियू ने 27 मार्च के प्रदर्शन में चकबंदी में धांधलेबाजी के आरोप लगाते हुए चकबंदी दफ्तर में तालाबंदी की थी। जिला अध्यक्ष दिगंबर सिंह ने चकबंदी में भ्रष्टाचार के दर्जनों मामलों की सूची प्रशासन को सौंपी थी। यूनियन ने दर्जनों ऐसे किसानों के नाम भी दिए थे, जिनके उड़ान चक बना दिए गए हैं। किसान अपनी जमीन को ढूंढते फिर रहे हैं। किसानों को कोई यह बताने वाला नहीं है कि आखिर उनकी जमीन कहां हैं?
बैठक में किसानों ने ये ही सवाल अधिकारियों पर दोबारा दागे। चकबंदी अधिकारी ने लीपापोती करनी चाही। परंतु किसानों ने शोर मचाकर कह दिया कि झूठी बातों से काम चलने वाला नहीं है। चकबंदी अधिकारियों और कर्मचारियों को अपना रवैया बदलना होगा। किसानों को इंसाफ चाहिए। वह जिले में दूसरा अशोक कांड नहीं होने देंगे। किसानों को आज ही यह बात बताई जाए कि जिले में डोलबंदी, ठिएबंदी आदि की विभाग ने क्या रूपरेखा तैयार की है? किसानों का गुस्सा देख बैठक मेें मौजूद चकबंदी अधिकारियों के पसीने छूटने लगे। सीडीओ इंद्रमणि त्रिपाठी ने किसानों को समझा बुझाकर शांत किया।
17 साल से ढूंढ रहा 45 बीघा जमीन
बिजनौर। प्रशासन और किसानों की बैठक में उस समय अजीब स्थिति पैदा हो गई, जब मोहम्मदपुर देवमल ब्लाक के गांव तरीकमपुलर कहबीब का बुजुर्ग किसान सत्यवीर उड़ान चक को लेकर रो पड़ा। किसान का कहना था कि चकबंदी में उसकी 45 बीघा जमीन का उड़ान चक बना था। वह 17 साल से उड़ान चक की अपनी जमीन ढूंढता फिर रहा है। डीएम से लेकर चकबंदी अधिकारियों के लगातार चक्कर काट रहा है। आज तक कुछ नहीं हुआ। सत्यवीर सिंह का कहना था कि जमीन की तलाश में जवान से बूढ़ा हो गया है। किसान रोते हुए कहा कि उसकी जमीन वापिस दिलाएं।
डोलबंदी की होगी वीडियोग्राफी
बिजनौर। डीएम के निर्देश पर सीडीओ ने बैठक में घोषणा की कि चकबंदी के बाद डोलबंदी और ठिएबंदी की प्रक्रिया की वीडियोग्राफी होगी। काम में बाधा डालने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी। एसओसी ने कहा कि भागूवाला की डोलबंदी 12 अप्रैल तथा हल्दौर की डोलबंदी 13 अप्रैल को पुलिस की निगरानी में होगी। चकबंदी के सक्षम अधिकारी मौके पर मौजूद रहेंगे। एक दो दिन में अन्य स्थानों का कार्यक्रम घोषित कर दिया जाएगा।