उम्रकैद की सजा काट रहे तीन कैदी होंगे रिहा
बिजनौर। जेल में उम्रकैद की सजा काट रहे तीन कैदी जल्द ही सलाखों से बाहर आ जाएंगे। ये कैदी 14 साल की सजा काट चुके हैं। इन कैदियों को रिहा करने की बुधवार को अफसरों की बैठक में संस्तुति की गई। इसकी रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है। तीनों बंदी बूढ़े व बीमार हैं। इसी आधार पर उनकी रिहाई की संस्तुति हुई है।
हत्या के मामले में जिले के सात कैदियों को उम्र कैद की सजा सुनाई गई है। इनमे से पांच कैदी तो सेंट्रल जेल बरेली तो दो बिजनौर जेल में उम्रकैद की सजा काट रहे हैं। 14 साल की सजा काटने वाले बूढ़े व बीमार की समय पूर्व रिहाई का प्रावधान है। बुधवार को जेल में डीएम जगतराज, एसपी प्रभाकर चौधरी, प्रोबेशन अधिकारी व जेलर आकाश शर्मा की बैठक में बरेल सेंट्रल जेल में सजा काट रहे कैदियों को भी बुलाया गया था। इनमे तीन कैदियों की रिहाई पर सहमति बनी है। अफसरों ने मंडावर निवासी हरपाल, शहर कोतवाली के गांव मोल्हड़पुर निवासी नैपाल व नांगल थाने के गांव नंगला निवासी संतराम के नाम की रिहाई की संस्तुति करके शासन को भेज दी है। तीनों हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे थे। तीनों बीमार व उम्रदराज हैं। जेलर आकाश शर्मा के मुताबिक तीनों की संस्तुति की रिपोर्ट शासन को भेजी गई है। इसके बाद यह गवर्नर के पास जाएगी। वहां से निर्णय होने पर तीनों की रिहाई हो पाएगी। तीनों की 14 साल की सजा पूरी हो गई है। 14 साल की सजा के बाद ही ऐसे कैदियों की रिहाई का निर्णय होता है।