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पुलिस प्रशासन ने राजनैतिक गुटों की आपसी में रंजिश में जलसा का आयोजन रूकवाया

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राजनीति की भेंट चढ़ा जलसे का आयोजन
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रेहड़। गांव भगतावाला में दो राजनैतिक गुटों की आपसी रंजिश के चलते पुलिस प्रशासन ने मुस्लिम समुदाय के जलसे को रुकवा दिया। जलसे का आयोजन रुकने के बाद मुस्लिम समुदाय में रोष फैल गया।
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गांव भगतवाला में भाजपा नेता पूर्व ब्लाक प्रमुख प्रदीप कुमार उर्फ बबली और जिला पंचायत निर्माण समिति के अध्यक्ष पति शैलेंद्र चौहान के बीच राजनैतिक टकराव चल रहा है। रविवार रात मुस्लिम समुदाय के लोग गांव में ही परंपरागत रूप से एक जलसे का आयोजन कर रहे थे। जलसे के आयोजन के लिए मुसलमानों ने पुलिस प्रशासन से अनुमति ले रखी थी। लेकिन मुसलमानों का आरोप है कि भाजपा नेताओं की शह पर पुलिस प्रशासन ने जलसे को रुकवा दिया। पुलिस के गांव में पहुंचते ही मुसलमानों में रोष फैल गया। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव का ही एक भाजपा नेता हर साल जलसे में बाधा डालता है। इस तरह से धार्मिक आयोजनों को रुकवा कर एक समुदाय की भावनाओं का कुठारघात किया जा रहा है। शैलेंद्र चौहान ने मौके पर पहुंचकर पुलिस से जलसे को परंपरागत होने का हवाला देते हुए चालू रखने की सिफारिश की। लेकिन पुलिस ने किसी की एक नहीं सुनीं। उधर, पूर्व ब्लाक प्रमुख प्रदीप कुमार का कहना है कि राजनैतिक कारणों से उनका नाम उछला जा रहा है। गांव में ही बरेलवी व देवबंदी गुटों की आपसी खींचतान चल रही है। उधर, जिला पंचायत निर्माण समिति अध्यक्ष पति शैलेंद्र चौहान का कहना है कि आचार संहिता के हवाला देकर प्रशासन ने जलसा रुकवाया है। आचार संहिता के बाद जलसे का आयोजन होगा। उधर, एसओ बिजेंद्रपाल राणा का कहना है कि आचार संहिता में जलसे की परमिशन कुछ शर्तों के साथ दी गई थी। जलसे में शर्तों को पूरा नहीं किया गया।
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