‘समस्याओं का निदान नहीं तो आंदोलन’
धामपुर। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के जिला मंत्री विनोद कुमार प्रदेश की भाजपा सरकार पर शिक्षक विरोधी होने का आरोप लगाते हुए समस्याओं का जल्द निदान न करने पर छह मार्च से आंदोलन का एलान किया है। जब तक सरकार की ओर से उनकी मांगों को पूरा नहीं किया जाएगा। तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
रानीबाग कालोनी में शिक्षक नेता अनिल क़ुमार देवरा के आवास पर पत्रकारों से वार्ता में जिला मंत्री ने कहा कि सरकार से शिक्षकों को उम्मीद थी। लेकिन दो साल के कार्यकाल में अब तक सरकार से शिक्षकों को निराशा ही किया है। शिक्षक संघ के प्रदेश आह्वान पर शिक्षकों की पुरानी पेंशन की बहाली कराने, वित्त विहीन शिक्षकों को समान काम के बदले समान वेतन दिलाने, स्थाई शिक्षक का दर्जा दिलाने, राज्य कर्मचारियों की भांति कैश लेस चिकित्सा सुविधा दिलाने की मांग की। जिला मंत्री ने कहा कि प्रदेश में बगैर वित्त विहीन शिक्षकों के सहयोग के माध्यमिक शिक्षा अधूरी है। लेकिन फिर सरकार इनके बारे में आंदोलन के बाद भी स्थाई करने के लिए कोई प्रयास होता नजर नहीं आ रहा है। साल 1987 से इंटरमीडिएट एक्ट 1921 की धारा के 7(4) के साथ 7 ( क ) के अधिनियम में शामिल कर प्रबंधकों को वित्त विहीन शिक्षकों का उत्पीड़न व शोषण करने को छूट दे रखी है। यह व्यवस्था सरकार की ओर से अंतरिम रूप से की गई थी। परंतु 31 साल बीतने के बाद भी सरकार इस व्यवस्था को समाप्त कर नई व्यवस्था को लागू नहीं कर रही है। जबकि साल 2012 में हाईकोर्ट की खंडपीट ने सरकार को इस पुरानी व्यवस्था को बदलने के आदेश दे रखे है। जिला मंत्री ने कहा कि सरकार की पुरानी व्यवस्था को बदलने और नई व्यवस्था लागू कर शिक्षकों की समस्याओं का निदान कराने की मांग को लेकर आंदोलन करने का ऐलान कर दिया है। छह मार्च को संयुक्त शिक्षा निदेशक मंडल मुरादाबाद के कार्यालय पर सरकार के खिलाफ धरना प्रदर्शन होगा। शिक्षकों से अधिक से अधिक संख्या में मुरादाबाद कूच करने की अपील की है। वार्ता में विजयपाल सिंह, देवराज सिंह, कृष्ण रंजन सिंह रहे।