अब सभी लाइसेंसों की सीधे लखनऊ से होगी मॉनिटरिंग
बिजनौर। अब कॉमर्शियल विद्युत कनेक्शन लिए बगैर मेडिकल स्टोर का लाइसेंस जारी नहीं होगा। नया लाइसेंस जारी कराने या फिर रिटेंशन कराने के लिए आवेदन के साथ कामर्शियल विद्युत कनेक्शन की रसीद लगाना अनिवार्य है। व्यावसायिक कनेक्शन के बिना औषधि प्रशासन विभाग लाइसेंस जारी नहीं करेगा। शासन ने संबंधित अधिकारियों को इसका सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए हैं। अब जारी होने वाले सभी लाइसेंसों की सीधे लखनऊ से की मॉनिटरिंग की जाएगी।
औषधि प्रशासन विभाग दो तरह के मेडिकल स्टोर के लाइसेंस जारी करता है। जिले में कुल तीन हजार मेडिकल स्टोर हैं। इनमें 1200 होलसेल और 1800 रिटेल के हैं। अधिकांश मेडिकल स्टोर संचालकों के कनेक्शन या तो घरेलू हैं या फिर बहुत से मेडिकल स्टोरों पर किसी भी प्रकार के कनेक्शन नहीं हैं। ऐसे संचालकों की नकेल कसने के लिए औषधि प्रशासन विभाग ने नई गाइड लाइन जारी की है। इसके तहत मेडिकल के नए लाइसेंस बनवाने या फिर रिटेंशन कराने के लिए सभी मानकों के साथ बिजली के व्यावसायिक कनेक्शन की रसीद तथा अन्य दस्तावेज लगाना अनिवार्य है। अभी तक होता ये था कि अधिकांश लोग घरेलू विद्युत कनेक्शन पर ही मेडिकल स्टोर चलाते थे, या फिर किसी भी प्रकार के कनेक्शन बिना ही लाइसेंस जारी करवा लेते थे। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। शासन ने इसके प्रति सख्ती दिखाई है। इससे एक तो विद्युत निगम के राजस्व का लाभ बढ़ेगा तो वहीं दूसरी ओर बिजली चोरी रुकेगी। यदि कोई मेडिकल स्टोर संचालक ऐसा करता पाया गया या फिर विभागीय अधिकारियों द्वारा अनदेखी की गई तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। औषधि निरीक्षक आशुतोष मिश्रा ने बताया कि मेडिकल का नया लाइसेंस बनवाने या फिर रिटेंशन कराने के लिए कामर्शियल विद्युत कनेक्शन की रसीद साथ में लगानी होगी। सभी मेडिकल स्टोर संचालक इसका प्राथमिकता के आधार पर पालन करें। अब जारी होने वाले लाइसेंस की मॉनिटरिंग सीधे लखनऊ से होगी।