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जीएसटी लागू होने के बाद आतिशबाजी के मूल्य घटे, उपभोक्ताओं को फायदा

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जीएसटी लागू होने के बाद आतिशबाजी के मूल्य घटे, उपभोक्ताओं को फायदा
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बिजनौर। आतिशबाजी के शौकीनों के लिए इस साल दीपावली बहुत खास होने वाली है। जीएसटी में शामिल होने के बाद पटाखों पर अब उनके वास्तविक मूल्य अंकित किए गए हैं। इन मूल्यों पर भी उपभोक्ताओं को 50 प्रतिशत की छूट दी जाएगी। यानि पिछले साल के मुकाबले पटाखे इस साल करीब करीब आधी कीमत पर ही मिल रहे हैं। पटाखे खरीदने के लिए अभी से उपभोक्ताओं की भीड़ आने लगी है।
आतिशबाजी के बिना दीपावली अधूरी होती है। अनार, चकरी, रॉकेट, स्काई शॉटस आदि से ही दीपावली के रंग निखकर आते हैं। जीएसटी लागू होने से पहले पटाखों पर नौ प्रतिशत टैक्स लगता था। पटाखों के डिब्बों पर कंपनियां मनमाने तरीके से मूल्य अंकित करती थी। फुलझड़ी के डिब्बे पर 300 रुपये तक अंकित होते थे। हालांकि इन अंकित मूल्यों पर दुकानदारों को 50 प्रतिशत तक की छूट दी जाती थी, लेकिन तब भी पटाखे बहुत महंगे मिलते थे। इस साल पटाखों को जीएसटी में शामिल किया गया है। पटाखों पर 18 प्रतिशत जीएसटी लगाया गया है। जीएसटी में पटाखों के शामिल होने के बाद अब कंपनी पटाखों पर सही मूल्य अंकित कर रही हैं। जीएसटी के बाद पटाखों पर अंकित मूल्य पहले के मूल्य के मुकाबले बहुत कम हैं। नए मूल्यों पर भी उपभोक्ताओं को 50 प्रतिशत तक की छूट दी जा रही है। यानि पटाखे का रेट तो कम हुआ ही, उस पर मिलने वाली छूट पहले की ही तरह 50 प्रतिशत रही। जीएसटी लागू होने से आतिशबाजी के शौकिनों को बहुत फायदा होगा। वे पहले के बराबर भुगतान करके कहीं अधिक पटाखो खरीद सकते हैं।
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पटाखे पुराने मूल्य नए मूल्य
अनार 615 452
फुलझड़ी 108 58
चकरी 600 350
रॉकेट 284 230
स्काई शॉट्स 245 185
नोट:उक्त मूल्य एक पैकेट के हैं और दुकान से लिए गए हैं।
सस्ती हुई आतिशबाजी:विकास सेेतिया
मुर्गा छाप पटाखों के थोक विक्रेता मदनलाल एंड संस के मालिक विकास सेतिया के मुताबिक पटाखों के नए मूल्य पहले के मुकाबले बहुत कम हैं। पटाखों पर छूट पहले की ही तरह जारी है। इस बार आतिशबाजी पहले के मुकाबले बहुत सस्ती मिलेगी।
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पहली बार मिली उपभोक्ताओं को राहत
पटाखों पर पहले मनमाने तरीके से मूल्य अंकित रहते थे। थोड़ा सी आतिशबाजी भी हजारों रुपये में जाकर बैठती थी। दीपावली पर मिठाई, झालर, सजावटी सामान आदि पर हर साल महंगाई बढ़ती ही है। ऐसा पहली बार हुआ है कि दीपावली पर किसी सामान के मूल्यों में कमी आई है।
अजीत चौधरी
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