बिजनौर। शासन की ओर से हर विधानसभा क्षेत्र में100 हैंडपंप लगवाने का कोटा स्वीकृत किया गया है। नूरपुर विधानसभा क्षेत्र में भाजपा विधायक लोकेंद्र चौहान की मौत हो जाने के कारण क्षेत्र में एक भी हैंडपंप लग पाया। अब क्षेत्र में हैंडपंप लगाने के लिए नए विधायक से सूची मांगी गई है। जल निगम के अधिशासी अभियंता के मुताबिक नूरपुर क्षेत्र में हैंडपंप लगवाने की कवायद शुरू हो गई है।
नूरपुर के भाजपा विधायक लोकेंद्र चौहान की सड़क हादसे में मौत का खामियाजा क्षेत्र की जनता को भी उठाना पड़ा है। विधायक की मौत की वजह से क्षेत्र में शासन से स्वीकृत 100 हैंडपंपों में से एक भी हैंडपंप भीषण गर्मी में भी नहीं लग पाया है। गर्मी के मौसम में इलाके के लोग हैंडपंपों का पानी पीने को तरस गए। नूरपुर विधानसभा का चुनाव होने के बाद अब इस क्षेत्र में हैंडपंप लगने की कवायद शुरू हुई है।
शासन ने हर विधायक को अपने क्षेत्र में 100 हैंडपंप लगवाने का कोटा स्वीकृत किया था। जल निगम ने इसके लिए विधायकों से सूची मांगी थी। विधायक काफी समय तक सूची को अटकाए रहे। विधायक यह तय नहीं कर पाए कि हैडपंप कहां-कहां लगने हैं। अफसर विधायकों से सूची मांगते रहे। बिजनौर जिले में आठ विधानसभा हैं। इनमें बढापुर, बिजनौर, चांदपुर, धामपुर, नहटौर में भाजपा के विधायक हैं। नजीबाबाद, नूरपुर, नगीना में सपा के विधायक हैं। 21 फरवरी को नूरपुर के भाजपा विधायक लोकेंद्र चौहान की सीतापुर में सड़क हादसे में मौत के बाद नूरपुर विधानसभा में एक भी हैंडपंप नहीं लग पाया। नूरपुर विधानसभा में 28 मई को उपचुनाव हुआ। इस बार सपा के नईमुलहसन चुनाव जीतकर विधायक बन गए। अब नूरपुर विधानसभा में हैंडपंप लगने की कवायद शुरू हुई है। हैंडपंप लगाने के लिए नए विधायक से भी सूची मांगी गई है। जल निगम के अधिशासी अभियंता अरुण कुमार त्यागी के मुताबिक नूरपुर क्षेत्र में हैंडपंप लगवाने की कवायद शुरू हो गई है।
जिले में लगे 650 हैंडपंप
जल निगम के अधिशासी अभियंता अरुण कुमार के मुताबिक जिले की आठ विधानसभा में अभी 650 हैंडपंप लग पाए हैं। नूरपुर में हैंडपंप नहीं लगे हैं। उन्हें लगाने का काम चल रहा है। विधायकों की सूची देर से मिलने के कारण हैंडपंप लगाने में देरी हुई है।