चिप्स वाला आलू करेगा किसानों का कराएगा फायदा
बिजनौर । आलू की फसल धड़ाम होने से हुए नुकसान को देखकर जिले के किसान भी एक आंख अब बाजार पर रख रहे हैं। जिले के किसानों ने पहली बार सब्जी वाले आलू के साथ ही चिप्स बनाने वाले आलू की खेती शुरू की है। चिप्स वाला आलू सामान्य आलू से महंगा बिकता है। गांव सिकंदरी के किसानों ने इसकी पहल की है। चिप्स बनाने वाली कंपनी भी जिले की ओर रुख कर रही हैं।
सब्जी की खेती में आलू जिले के किसानों की प्रमुख फसल है। जिले में छह हजार हेक्टेयर से ज्यादा आलू बोया जाता है। जिले के किसान सब्जी में प्रयोग होने वाला आलू ही बोते हैं। आलू की एक साल में दो फसल आती हैं। बीते साल से आलू के दाम धड़ाम चल रहे हैं। आलू बोने में किसानों को बहुत घाटा हुआ है। पुराने आलू के तो किसानों को इतने दाम तक नहीं मिले कि वे कोल्ड स्टोरेज का किराया भरकर फसल उठा लें। जिले के किसान अब इसके लिए अन्य विकल्प देख रहे हैं। जिले के गांव सिकंदरी के किसान सरदार अवतार सिंह के मुताबिक आलू की फसल में काफी नुकसान हो रहा था। इस बार उन्होंने पहली बार चिप्स वाला आलू बोया गया है। चिप्स बनाने वाली कंपनी इस संबंध में जिले के किसानों से संपर्क कर रही हैं। कंपनी विशेषज्ञ भेजकर किसानों को चिप्स वाले आलू की खेती के बारे में जानकारी भी दे रहे हैं।
चांदपुर मिल ने शुरू कराई खेती
बिजनौर । जिले में वेब इंडस्ट्री की चांदपुर शुगर मिल ने आलू की खेती शुरू कराई है। मिल की ओर से किसानों को फ्री में चिप्स सोना वन और चिप्स सोना थ्री प्रजाति का बीज वितरित किया गया है। करीब 500 हेक्टेयर जमीन में खेती कराई गई । किसानों को जितना बीज दिया गया, उतना बीज ही वापस लिया जाएगा। किसान के पास आलू का जितना भी उत्पादन होगा, उसे इंडस्ट्री ही खरीदेगी। बाजार रेट में सामान्य आलू से डेढ़ से दो रुपये प्रति किलोग्राम अधिक तक मूल्य में यह आलू खरीदा जाएगा। धनौरा मिल के जीएम तेजराम शर्मा के मुताबिक चिप्स बोने वाले किसानों को बाजार मूल्य से अधिक रुपये दिया जाएगा।
खेत से उठेगी फसल
चिप्स वाले आलू को कंपनी किसान के खेत से उठाएगी। किसान को अपनी फसल लेकर बाजार या कोल्ड स्टोरेज में नहीं जाना होगा। आलू भरने के लिए बोरी आदि भी कंपनी ही देगी। इससे किसानों का खर्च कम होगा।
मिलेगा ज्यादा पैसा
चिप्स बनाने वाली कंपनी किसानों से अनुबंध करती हैं। किसान को सामान्य आलू की बाजार कीमत से दो रुपये प्रति किलोग्राम तक दिए जाएंगे। चिप्स वाले आलू की पैदावार भी सामान्य आलू जितनी ही है। चिप्स कंपनी द्वारा दी जा रही सहूलियत व अधिक कीमत से किसानों को फायदा होगा।