‘इजहार असर अदबी खिदमात’ पर सेमिनार
नगीना। ‘इजहार असर अदबी खिदमात’ शीर्षक पर आयोजित राष्ट्रीय सेमिनार में दिल्ली की डॉ. शमा अफरोज जैदी ने कहा कि इजहार असर किरतपुरी ने अपने युग में जितना साहित्य सृजन किया है उतना किसी दूसरे कलमकार ने नहीं किया है।
रविवार को प्रधानमंत्री कौशल विकास सेंटर पर नेटी वेलफेयर एजूकेशनल सोसाइटी की ओर से कौंसिल बराए फरोग-ए-ऊर्दू जबान नई दिल्ली के तत्वावधान में कार्यक्रम हुआ। डॉ. शमा ने कहा कि इजहार असर भले ही किरतपुर बिजनौर में जन्मे हों और मात्र मैट्रिक क्लास पास हों, लेकिन ऊर्दू-हिंदी साहित्य में उनका बड़ा योगदान है। इंजी. समीउद्दीन अलीग ने इजहार को बेहतरीन शायर, कहानीकार, उपन्यासकार बताया। डॉ. शेख नगीनवी, मूसा पंजाब, अब्दुल करीम शेख हिमाचल, डॉ. वसीम इकबाल, अनवर एडवोकेट, परवेज आदिल माही, शकील बिजनौरी, मुफ्ती उवैस अकरम, अतहर शकील मुंबई आदि ने शोध पत्र प्रस्तुत किए। कार्यक्रम की शुरूआत पूर्व पालिकाध्यक्ष शेख खलीलुर्रहमान ने रोशन की। अध्यक्षता समीउद्दीन, संचालन डॉ. शेख नगीनवी ने किया। सोसाइटी के अध्यक्ष आफताब अहमद ने आगंतुकों का आभार व्यक्त किया। एमएम इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य राम बहादुर वर्मा, डॉ. आलमगीर काजमी, अबरार एडवोकेट, दानिश किरमानी, बार सचिव मुख्तार एडवोकेट, नवेद इकराम, मेराज अहमद, मेहताब अहमद आदि मौजूद रहे।