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मानव उत्थान सेवा समिति की ओर से संत समागम आयोजित

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नजीबाबाद (बिजनौर)। महात्मा विशेषानंद महाराज ने नगर में आयोजित संत समागम में प्रवचन करते हुए कहा कि मनुष्य के लिए भौतिक सुख-सुविधाएं पाना साधारण सी उपलब्धि है। जीवन में शांति की तलाश मनुुष्य के लिए चुनौती बनी है।
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मानव उत्थान सेवा समिति की ओर से मालन नदी के तट पर आयोजित समागम में हरि कथा सुनाते हुए विशेषानंद महाराज ने कहा कि धन, यश और सुख-सुविधाएं हर युग में मनुष्य को प्राप्त होती रही हैं, मगर जिसे संतों का संग प्राप्त नहीं हुआ, वह युगों-युगों तक भटकता ही रहा। बद्रीनाथ धाम से आए महात्मा तुरियानंद महाराज ने अशांति और उग्रता पर प्रवचन करते कहा कि मानव कितनी भी धन-संपदा, सगे-संबंधियों को प्राप्त कर ले, मगर वह शांत नहीं हो सकता। वाह्य साधनों से मन को शांति प्राप्त नहीं हो सकती। रामायण की चौपाई मम दर्शन फल परम अनूपा, जीव पाए निज सहज स्वरूपा... का जिक्र करते हुए तुरियानंद महाराज ने कहा कि उस पर परम तत्व जो सृष्टि का रचियता है को सद्गुरुके माध्यम से जानकर ही मानव का मन शांत होगा। इससे पहले समागम का शुभारंभ गुरु वंदना के साथ हुआ। जय सिंह, हीरा ठाकुर, लक्ष्मी, महेश, विजयलक्ष्मी ने भजनों का गायन किया। समागम में डॉ. राजेंद्र, बाबूराम, चमन सिंह, अर्जुन सिंह, नर सिंह, हजारीलाल, हरप्रसाद, विष्णु, रामसरन, सुषमा, कृष्णा, नौतम, श्रीधर, मंगतराम, खूब सिंह सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
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