बिजनौर। जीएसटी के अंतर्गत प्रस्तावित ई वे बिल 16 अगस्त से प्रभावी हो जाएगा। ई वे बिल में रजिस्ट्रेशन कराने के लिए व्यापारियों को जागरूक किया जा रहा है।
दो साल पहले व्यापारियों को माल की ढुलाई के लिए वाणिज्य कर विभाग ने फार्म 38 का प्रावधान किया था। फार्म 38 में व्यापारी द्वारा लाए जा रहे माल की जानकारी, कीमत आदि का उल्लेख होता था। अब जीएसटी में फार्म 38 की जगह अब ई वे बिल का प्रावधान किया गया है। व्यापारी प्रतिष्ठान से ही नेट के जरिये ई वे बिल जनरेट करेंगे। 50 हजार से अधिक कीमत के माल के लिए ई वे बिल अनिवार्य होगा। ई वे बिल की पूरी जानकारी नेट पर भी उपलब्ध रहेगी। खास बात यह है कि ई वे बिल में एक दिन में 100 किलोमीटर तक के सफर की मान्यता होगी। अगर व्यापारी के प्रतिष्ठान पर माल निर्धारित समय पर नहीं पहुंचता है तो फिर विभागीय अधिकारी इसकी जांच करेंगे। ई वे बिल 16 अगस्त से प्रभावी हो जाएगा। डिप्टी कमिश्नर धनीराम के अनुसार व्यापारी ई वे बिल में रजिस्ट्रेशन करा लें। विभागीय अधिकारी व कर्मचारी इस संबंध में व्यापारियों से संपर्क कर रहे हैं।