बढ़ापुर के ग्राम जलालपुर में खेत में लगे ट्यूबवेल से पानी भरते ग्रामीण।
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बढ़ापुर में भीषण गर्मी और बारिश न होने के कारण करीब 18 गांवों में भूजल स्तर में आई गिरावट से इंडिया मार्का-टू-हैंडपंप और साधारण नलों ने भी पानी देना बंद कर दिया है। उत्पन्न पेयजल समस्या को लेकर ग्रामीण बेहद चिंतित हैं। इन गांवों में बिजली आने के साथ ही ग्रामीण पानी के लिए बर्तन लेकर गांव के समीप खेतों में लगे ट्यूबवेल की ओर दौड़ पड़ते हैं।
बढ़ापुर क्षेत्र के गांव जलालपुर, नकीपुर, दमीपुर, भरतपुर मिटठो, कायमपगर, टांडा साहूवाला, हरवंशवाला, टांडा सिक्कावाला, गढ़ी चमारान, बनविटोल आदि करीब 18 गांवों में जल संकट गहरा गया है। बढ़ापुर निवासी गोयल बताते हैं कि वर्तमान में जलस्तर में आई गिरावट का हाल यह है कि वॉटर लेवल 65-70 फुट नीचे पहुंच गया है जो कि पहले की अपेक्षा 30 फुट अधिक गिरावट होना दर्शाता है।
बढ़ापुर क्षेत्र की ग्राम पंचायत इस्लामाबाद के अधीन आने वाले ग्राम जलालपुर के निवासी महीपाल सिंह, विजयपाल, कविता, फूलवती, नरपाल, कृष्णा देवी, राजो देवी व भूपेंद्र सिंह ने बताया कि गांव में दो दर्जन से अधिक इंडिया मार्का टू हैंडपंप व घरों में लगे दर्जनों साधारण नलों ने एक सप्ताह से पानी देना बंद किया हुआ है। गांव के लोग मजबूरन गांव के समीप किसानों के खेतों में लगे ट्यूबवेल से पानी भरकर लाते हैं। ग्रामीण बिजली आपूर्ति चालू होने का पता चलते ही अपने हाथों में पानी के लिए खाली बर्तन लेकर ट्यूबवेल की ओर दौड़ पड़ते हैं। उधर, सुभाष गोयल का कहना है कि इंडिया मार्का टू हैंडपंप व सबमर्सिबल पंप भले ही 150-170 फुट की गहराई पर लगे हैं लेकिन देखा जाता है कि इंडिया मार्का टू हैंडपंप में सिलेंडर किट और सबमर्सिबल में मोटर अधिकतम 55-60 फुट की गहराई पर ही लगा दी जाती है यदि इनको न्यूनतम 80-90 फुट की गहराई पर ही स्थापित की जाये तो संभव है कि जलस्तर में आई गिरावट की समस्या से बचा जा सके।