आधे घंटे में हुई 18.2 एमएम बारिश, सड़कें जलमग्न
बिजनौर। बारिश अब जन जीवन को अस्तव्यस्त करने लगी है। बृहस्पतिवार को भी आधे घंटे में 18.2 एमएम बारिश हुई, जिसके कारण सड़कें जलमग्न हो गईं। पूरा दिन बूंदाबांदी होती रही। बारिश की वजह से बाजार में लोगों की आवाजाही बहुत कम रही। बारिश में छोईया नदी में भी नहरों का पानी आ गया है। इससे हजारों बीघा फसल जलमग्न हो गई है।
बुधवार को घनघोर बारिश की वजह से जिले भर की सड़कें जलमग्न हो गईं थीं। बृहस्पतिवार को सुबह के समय कुछ देर के लिए सूरज निकला लेकिन बाद में काले बादल छा गए। करीब 11 बजे तेज बारिश शुरू हो गई। नई बस्ती, चाहशीरी, नजीबाबाद रोड, काजीपाड़ा, जाटान में कई जगह सड़कों पर पानी भर गया। डेढ़ बजे से तीन बजे तक फिर से तेज बारिश हुई। भादो में लगी सावन की झड़ी ने अब जन जीवन को प्रभावित करना शुरू कर दिया हैै। गली, मोहल्लों में बार बार पानी भरने से मोहल्लेवाले परेशान हो गए हैं। बरसात की वजह से जनता भी बाजार में आकर खरीदारी करने से बच रही है। नगीना स्थित मौसम वेधशाला के प्रेक्षक सतीश कुमार का कहना है कि अभी बारिश होने की संभावना बनी हुई है। दो दिन में करीब 200 एमएम बारिश हो चुकी है। वहीं छोईया नदी में नहरों का पानी से उसके तट पर हजारों बीघा फसल जलमग्न हो गई है। गांव सिकंदरी, छाछरीटीप, शाहपुरलाल, सैदाबाद, जहानाबाद, सलेमपुर आदि गांवों में फसलें नहर के पानी में डूब चुकी हैं। किसान संजय सिंह, आशीष चौधरी, प्रीतम सिंह, जयपाल सिंह, चंद्रपाल सिंह का कहना है कि छोईया नदी में नहरों का पानी छोड़ा जा रहा है। इससे फसल बर्बाद हो रही हैं। उन्होंने सिंचाई विभाग के अफसरों से नदी में नहरों का पानी न छोड़े जाने की गुहार की है।
बिजनौर में मुख्य डाकघर चौराहे पर हुआ जलभराव।- फोटो : BIJNOR
बिजनौर में सिविल लाइन में हुए जलभराव से गुजरते लोग।- फोटो : BIJNOR
बिजनौर में भागकर बारिश से बचने का प्रयास करती युवती।- फोटो : BIJNOR