हत्या में एक को आजीवन कारावास, दो बरी
नगीना। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने हत्या के एक आरोपी को आजीवन कारावास व बीस हजार के अर्थदंड की सजा सुनाई है। दो आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया है।
सहायक शासकीय अधिवक्ता पीएस कमल के अनुसार 29 दिसंबर 2010 को ग्राम आलमपुर गांवड़ी थाना अफजलगढ़ का विपिन उर्फ अतुल पुत्र कृष्णदेव शर्मा भूतपुरी तिराहे पर अपने भतीजे को ट्यूशन छोड़ने गया था और वहीं पर बाइक ठीक कराने को आरोपी महेश मिस्त्री की दुकान पर रुक गया था। काफी समय तक वापस नहीं आया तो घर वालों ने फोन भी किया। कोई जवाब न मिलने पर महेश मिस्त्री को फोन किया तो उसने बताया कि विपिन उसके घर है और खिचड़ी खाकर सो गया है। जब शाम तक भी नहीं आया तो विपिन का भतीजा विवेक गांव के प्रदीप के साथ महेश मिस्त्री के घर पहुंचा तो वहां सभी मुल्जिमान मौजूद थे और विपिन कमरे में मृत अवस्था में था। विपिन के मुंह से झाग निकल रहे थे। मृतक के परिजन शव को घर ले आए और थाने में तहरीर दी। शव का पुलिस ने पंचनामा भरा ओर पोस्टमार्टम कराया। बिसरा जांच के लिए आगरा भेजा। इसमें विपिन की मृत्यु जहरीले पदार्थ से होना पाया गया। मृतक के पिता कृष्णदेव ने घटना के लगभग बीस माह बाद अदालत के आदेश पर महेश मिस्त्री, रेनू, भूपेंद्र राजपाल, दयाराम, व एक अज्ञात महिला के विरुद्ध 8 अगस्त 2012 को हत्या व षड्यंत्र का मुकदमा थाना अफजलगढ़ में दर्ज कराया। चुनावी रंजिश की बिना पर विपिन को जहर देकर मारने का आरोप लगाया। मामले की विवेचना के दौरान विवेचक ने महेश मिस्त्री, भूपेंद्र व दयाराम के विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। इसका विचरण न्यायालय एडीजे नगीना में हुआ। अभियोजन ने नो साक्षी पेश किए, जबकि बचाव पक्ष ने आरोप से इनकार किया। न्यायालय एडीजे नगीना चंद्रशेखर मिश्रा ने एक आरोपी महेश मिस्त्री को हत्या का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास व बीस हजार के अर्थदंड की सजा सुनाई, जबकि भूपेंद्र व दयाराम को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया।