अंडरपास के विरोध में ग्रामीण एकजुट
नजीबाबाद। राजा मोरध्वज किला क्षेत्र से जुड़े मानव रहित रेलवे क्रॉसिंग पर रेलवे अंडरपास बनाने जा रहा है। अभी निर्माण प्रक्रिया शुरू भी नहीं हुई और ग्रामीणों ने इसका विरोध शुरू कर दिया। आरोप है कि रेलवे अधिकारियों ने रेलवे क्रॉसिंग का भौगोलिक निरीक्षण किए बगैर ही अंडरपास बनाने की तैयारी शुरू कर दी।
कोटद्वार मार्ग पर नजीबाबाद से 10 किलोमीटर दूर मथुरापुर मोर क्षेत्र में राजा मोरध्वज का किला है। प्राचीन किले के अवशेष आज भी यदाकदा मिलते रहते हैं। पुरातत्व विभाग की अनदेेखी के चलते क्षेत्रवासी इन अवशेषों और धरोहरों को संजोए हुए हैं। देश के विभिन्न क्षेत्रों से अक्सर पर्यटक यहां भ्रमण करने के लिए पहुंचते हैं। मेरठ-पौड़ी हाईवे और मोरध्वज किला क्षेत्र के बीच से नजीबाबाद-कोटद्वार ब्रांच लाइन गुजरती है। इस स्थान पर कोई रेलवे क्रॉसिंग नहीं हैं, जिसके कारण ग्रामीणों को हादसे का डर बना रहता है।
मानव रहित रेलवे क्रॉसिंग-11सी पर रेलवे अंडरपास बनाने का काम शुरू करने जा रहा है। इसकेे लिए क्रॉसिंग के आसपास सामान लाकर डाल दिया गया है। इसकी जानकारी होने पर ग्रामीणों ने विरोध शुरू कर दिया। सैन सिंह, राहुल नेगी, जोधा सिंह, हीरा, ओमप्रकाश, रोहित आदि का कहना है कि क्रॉसिंग के दोनों ओर कृषि बहुल क्षेत्र है। अंडरपास बनने से कृषि वाहनों की आवाजाही रुक जाएगी। मोहन सिंह, मोंटी नेगी, रतन सिंह, टीकाराम का कहना है कि वर्षाकाल के दौरान जलभराव की समस्या गहराने से अंडरपास मुसीबत बनेगा।
मंडल रेल प्रबंधक को भेजा पत्र
क्षेत्रीय ग्राम प्रधान मंजू देवी, पूर्व प्रधान सतीश कुमार, सुुुुभाष कुमार, सोहन सिंह, उम्मेद सिंह नेगी आदि ग्रामीणों ने मंडल रेल प्रबंधक को शिकायती पत्र भेजा है। पत्र में कहा है कि उन्हें बताया गया है रेलवे लाइन के दोनों ओर 80 मीटर गहरी खाई खोदकर मार्ग बनाया जाएगा। ऐसा होने पर करीब 50 किसानों का खेतों पर आवागमन का रास्ता रुक जाएगा। क्रॉसिंग के पश्चिम में दो सरकारी स्कूल, सहकारी समिति, उप स्वास्थ्य केंद्र और खेल का मैदान है। अंडरपास बनने ये सभी संस्थाएं जलभराव एवं अन्य कारणों से प्रभावित होंगी।