बिजनौर। ऋण मोचन योजना के दूसरे चरण में करीब साढ़े सत्ताइस हजार किसानों को पात्र पाया गया है। करीब 179 करोड़ की धनराशि तहसीलवार कैंप लगाकर बांटी जाएगी। इस बार दस हजार से ऊपर के लाभार्थियों को ही प्रमाण पत्र दिए जाएंगे।
सीडीओ इंद्रमणि त्रिपाठी के अनुसार ऋण मोचन योजना के दूसरे चरण के लाभार्थियों के चयन का काम पूरा हो गया है। दूसरे चरण के लिए 27488 लाभार्थी पात्र मिले हैं। इन लोगों को 179.93करोड़ की धनराशि आवंटित है। इस बार दस हजार से ऊपर वाले लाभार्थियों को ही प्रमाण पत्र मिलेंगे। शेष लोगों का पैसा उनके खातों में भेजा जाएगा। प्रमाणपत्र तहसीलवार कैंप लगाकर दिए जाएंगे। जिला कृषि अधिकारी अवधेश मिश्र के मुताबिक योजना में 25 बैंक से 20 बैंक के किसान शामिल हैं। डीसीबी, आईसीआईसीआई, बैक आफ महाराष्ट्र तथा एचडीएफसी बैंक शामिल नही हैं।
शुगर मिल 15 अक्टूबर तक चलाने की मांग
बिजनौर। किसान मजदूर संगठन ने शुगर मिलों को 15 अक्टूबर तक चलाने की मांग की है। संगठन ने गन्ने का रेट पांच सौ रूपए प्रति क्विंटल करने आदि मागों को लेकर ज्ञापन डीसीओ को दिया है।
जिलाध्यक्ष हरी सिंह द्वारा किसानों के साथ डीसीओ को दिए ज्ञापन में कहा गया है कि जिले की शुगर मिल 15 अक्टूबर तक चलाई जाएं। जिससे किसान गन्ना सप्लाई करके समय से गेहूं की बुवाई कर सके। खाद बीज पानी की लागत को देखते हुए गन्ने का रेट 500 रुपये प्रति क्विंटल किया जाए। गन्ना मूल्य भुगतान की देरी पर 15 प्रतिशत ब्याज दिया जाए। किसानों को गन्ना पेमेंट 14 दिन के भीतर हो। ज्ञापन पर वेदप्रकाश सिंह, भीम सिंह, सतीश कुमार, वीर सिंह राणा समेत दर्जनों किसानों के हस्ताक्षर हैं।