ढबारसी। गंगेश्वरी ब्लॉक में ग्राम प्रधान और ग्राम विकास अधिकारी के कमीशनखोरी का वीडियो वायरल होने के बाद अब ग्राम फत्तेहपुर अधेक में मनरेगा में फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। फत्तेहपुर अधेक में एक ही चकरोड और एक ही मैदान पर काम दिखाकर तीन साल में करीब तीस लाख का भुगतान करा लिया गया।
गंगेश्वरी ब्लाक के फत्तेहपुर अधेक गांव में पिछले तीन सालों से खेल के मैदान में पौधरोपण, डोलबंदी और समतलीकरण कराने के नाम पर लगभग साढ़े चार लाख रुपये दिखाकर रकम निकाली जा चुकी है। जबकि मौके पर मैदान पहले से ही समतल है। इस भूमि पर धान की फसल खड़ी है। जबकि कागजों में वर्ष 2018 में अगस्त माह की 16 तारीख से 30 तारीख तक 61 मजदूरों के काम करना दर्शाया गया है। इस कार्य में इस वर्ष 1,51,725 रुपये खर्च दर्शाया गया है।
ऐसे ही खेल के मैदान के समतलीकरण, पौधारोपण और डोलबंदी का काम दिखाकर वर्ष 2016-17 और वर्ष 2017-18 में भी मनरेगा खाते से 1,42,450 रुपये हर साल आहरण किया गया। जबकि यह कार्य कागजों तक ही सीमित रहा है। इस ग्राम मे पिछले तीन सालों से एक ही चकरोड पर मिट्टी कार्य की दो फाइलें बनाकर सरकार को लगभग 1,90,000 रुपये का चूना लगाया है। एक से दौ सौ मीटर के चकरोड पर मिट्टी कार्य दर्शा कर मोटी रकम निकाल कर फर्जीवाड़ा किया गया है।
गंगेश्वरी ब्लॉक की इस छोटी ग्राम पंचायत में अब तक मनरेगा से करीब 30 लाख रुपये का कार्य दिखाकर भुगतान किया जा चुका है।
मामला संज्ञान में नहीं है। अवकाश के बाद दफ्तर खुलने पर इसकी जांच कराई जाएगी। जांच के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। - एके उपाध्याय, डीसी मनरेगा
ढबारसी। पिछले दो साल से सतपाल के खेत से मनोज के खेत तक मिट्टी कार्य दर्शा कर मनरेगा के खाते से 1,06,750 रुपये का भुगतान निकाला गया है। जबकि उक्त दोनों नामों के व्यक्तियों के खेत ग्राम पंचायत की परिधि में नहीं है। यही नहीं इन नाम के व्यक्तियों के नाम कोई जमीन फत्तेहपुर अधेक के रकवे में नहीं है।