धान के साथ सब्जियों की फसल को नुकसान
बिजनौर। दो दिन से लगातार हो रही बारिश धान की खेती करने वाले किसानों के लिए सिरदर्द बन गई है। कृषि वैज्ञानिकों का कहना है कि बारिश से धान की कच्ची फसल को दस से 15 प्रतिशत तक नुकसान होने की बात कह रहे हैं। पालक, शलजम, मूली, गोभी और धनिया की फसल को भी नुकसान हुआ है। जिले भर में करीब 47 एमएम बारिश रिकॉर्ड की गई। बारिश से मौसम का मिजाज बदल गया है।
शनिवार रात से रुक-रुक कर बारिश हो रही है। रविवार रात को काफी तेज बारिश हुई। दिन में बूंदाबांदी के बाद दोपहर बाद फिर से करीब एक घंटे तक तेज बारिश हुई। बारिश से कई मोहल्लों में जलभराव की स्थिति बन गई। तेज हवा से धान की फसल कई जगह पर गिर गई है। जिले में करीब 40 हजार हेक्टेयर जमीन में धान की फसल बोई गई है। इसमें से आधी फसल पक चुकी है। कृषि वैज्ञानिक डा.केके सिंह के अनुसार धान की धान की पक चुकी फसल को नुकसान नहीं होगा। लेकिन कच्ची फसल को दस से 15 प्रतिशत तक नुकसान होगा। इसके अलावा इस समय पालक, शलजम, मूली, गोभी, धनिये की फसल की बुवाई चल रही है। जिन किसानों ने फसल बो दी है, बारिश से उनकी फसल के बीज नष्ट हो जाएंगे। इन किसानों को दोबारा से सब्जी बोनी होगी। इसके अलावा तोरी, लोकी, बैंगन आदि सब्जी को भी नुकसान पहुंचा है। बारिश से गन्ने की फसल भी गिरी है, लेकिन उसे कम नुकसान होता है। वहीं बारिश से मौसम एकदम ने से बदल गया है। दो दिन से हो रही बारिश से एसी व कूलर पर ब्रेक लग गए हैं। पंखों की स्पीड भी कम कर दी गई है। बारिश से मौसम का ठंडक का अहसास आने लगा है।
नगीना स्थित मौसम वेधशाला के प्रेक्षक आरके शर्मा के अनुसार मौसम में आर्द्रता बढ़ी हुई है। मंगलवार को बारिश के साथ आंधी आने का भी अनुमान है।
धान की फसल पर अब बारिश की मार
जलीलपुर। पहले बाढ़ ने फसल को नुकसान किया अब धान की फसल पर बारिश की मार पड़ रही है। बारिश पड़ती देख किसानों के चेहरों से मुस्कान गायब है।
पिछले दो दिनों से कई बार पड़ रही बारिश से किसानों की तैयार खड़ी धान की फसल को भारी नुकसान होने की संभावना है। जलीलपुर क्षेत्र मे धान की खेती कर अच्छी पैदावार करने वाले किसानों की खासी संख्या है। इसके साथ ही क्षेत्र के गांव सलेमपुर खादर, मीरापुर सीकरी, बलिया नंगली, रायपुर खादर, धींवरपुरा, फैजीपुर, ढोलनपुर, नारनौर, जमालुदीनपुर मे धान की खेती बड़े रकबे में की जाती है। सलेमपुर खादर मीरापुर सीकरी व बलिया नंगली के किसान धान खेती की प्रमुखता से करते हैं। जुलाई व अगस्त माह में गंगा की बाढ़ ने किसानों की फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया था। अब तैयार खड़ी धान की फसल पर बारिश कहर बनकर बरस रही है। किसान गुरुविंद्र सिंह, रंजीत सिंह, सुरजभान सिंह, दुष्यंत सिंह का कहना है धान फसल के साथ इस समय पड़ रही बारिश से गन्ना की फसल को भी नुकसान हो सकता है। हवा के चलने पर गन्ना भी गिर रहा है।