नांगलसोती/नजीबाबाद। मोहर्रम की सातवीं तारीख पर जोगीरम्पुरी, सैदपुरी और श्यामीवाला में मजलिस ख्वानी और नोहाख्वानी के मातमी आयोजन किए गए। जुलूस भी बरामद किए गए। मौलाना रिवजी ने युवाओं से इमाम हुसैन की कुर्बानी से सबब लेकर अहिंसा के रास्ते पर चलाने को कहा।
जोगीरम्पुरी में इमाम बारगाह दरबारे हुसैनी में खिताब करते हुए मुंबई से आए मौलाना मोहम्मद असकरी रिजवी ने कहा कि युवाओं को इमाम हुसैन की कुर्बानी से सबब लेना चाहिए कि कैसे अहिंसा के रास्ते पर चलकर जीत हासिल की जाती है। आज हिंदुस्तान सहित कई मुल्कों में समाज का तबाह करने के लिए दहशतगर्दी और आतंकवाद फैला है। युवाओं को एक जुट होकर आतंकवाद के खात्मे के लिए तैयार रहना होगा। उन्होंने कहा कि इस्लाम में शांति और अमन का पैगाम देता है। इस्लाम में आतंकवाद के लिए कोई जगह नहीं है। इससे पूर्व जावेद हुसैन, नईम अब्बास, मेहदी हसन, कुदरत हुसैन, जमाल अख्तर ने मरसिया ख्वानी की। कैसर अब्बास, हसन मेहदी, वाजिद रजा, फिरोज हैदर ने नोहाख्वानी की।
नांगलसोती गांव सैदपुरी में मोहर्रम के सातवीं तारीख को अखलाक हुसैन की दरगाह पर मजलिस को खिताब करते हुए मौलाना अहसन अब्बास ने कहा कि इमाम हुसैन की कुर्बानी और शहादत बुलाया नहीं जा सकता है। इमाम हुसैन ने इंसान और इंसानियत को जिंदा रखने के लिए कुर्बानी दी है, युवा उनसे सबब ले। इससे पूर्व नोहाख्वानी ने सकलेन मोहम्मद, परवेज अहमद, रईस हैदर, जाकिर अली, वशी हैदर, तनवीर हैदर, जबर जैदी आदि।
अंजुमने अब्बासिया मातमी जुलूस किया बरामद
भागूवाला। गांव श्यामीवाला में अंजुमन अब्बासिया मातमी जुलूस गांव के प्रमुख मार्ग से शुरू होकर इमाम बाड़ा तक निकाला गया। सदर हाजी अब्दुल हमीद, सचिव असगर अली के निर्देशन में अबुल हसन, मो.मौलाना नकी, मो.मौलाना अली, इमदाद अली, शब्बीर हुसैन गुलाम हसन, अब्बास ने मातमी जुलूस से शिरकत की। इस मौके पर थानाध्यक्ष राजीव त्यागी पुलिस बल के साथ मौके पर मौजूद रहे।