बिजनौर। हरिद्वार से बृहस्पतिवार को गंगा में एक लाख 15 हजार क्यूसेक पानी और छोड़ा गया है। इससे गंगा का जल स्तर बढ़ने की संभावना से तटीय गांवों के लोगों की धड़कने बढ़ने लगी है। उधर, मंडावर क्षेत्र के चौहड़वाला के सामने नाव पलटने से डूबे लोगों की खोज में पीएसी ओर स्थानीय गोताखोरों की टीमें अब तक अभियान चलाए हुए है।
गंगा में बुधवार को एक लाख 20 हजार क्यूसेक पानी चल रहा था। बृहस्पतिवार को दिन में तीन बजे हरिद्वार से गंगा में एक लाख 15 हजार क्यूसेक पानी और छोड़ा गया है। इससे गंगा में पानी बढ़ने की उम्मीद बढ़ गई है। इसने गंगा किनारे बसे गांवाें के ग्रामीणों के माथे पर चिंता की लकीरें बढ़ा दी है। उन्होंने जल स्तर बढ़ने से पहले ही चौकसी बरतनी शुरू कर दी है। उधर, मंडावर क्षेत्र के गांव डेबलगढ़ के लोग गांव चौहड़वाला के सामने गंगा की उफनती लहरों के बीच नाव पलटने से गंगा में डूबे 28 लोगों में 17 को गंगा से सकुशल बचा लिया गया था। चार महिलाओं के शव मिले थे। बाकी बचे लोगों को गंगा में रोज तलाश जा रहा है। पांच दिन तक कड़ी मशक्कत करने के बाद एनडीआरफ की टीम वापस लौट गई है। बृहस्पतिवार को पीएसी के साथ स्थानीय गोताखोर नाव और टायर के सहारे गंगा में डूबे लोगों को ढूंढते रहे, पर कोई हाथ नहीं आया। मध्यगंगा बैराज के जेई पीयूष कुमार के मुताबिक गंगा में जल स्तर बढ़ गया है। बृहस्पतिवार की दोपहर करीब तीन बजे एक लाख 15 हजार क्सूयेक पानी हरिद्वार से छोड़ा गया है। गंगा में जल स्तर और बढ़ने की उम्मीद हैं।