बिजनौर। कमिश्नर राजेश कुमार ने जिले की चीनी मिलों के बकाया गन्ना मूल्य भुगतान की समीक्षा की है। चीनी मिलों से मशीनों की मरम्मत का काम जल्दी पूरा करने को कहा गया है। वेव समूह की चीनी मिलों की मशीनों की मरम्मत का काम पिछड़ा है, इसमें तेजी लाने के निर्देश दिए।
जिला गन्ना अधिकारी यशपाल सिंह के अनुसार कमिश्नर ने समीक्षा बैठक में जिले के चीनी मिलों से बकाया गन्ना मूल्य भुगतान की जानकारी ली है। किसानों का चीनी मिलों पर करीब 70 करोड़ बकाया है। धामपुर, स्योहारा, बूंदकी, बहादरपुर चीनी मिलों का पक्ष था कि मिलों का बिजली का पैसा शासन से नहीं मिला है। इस पर कमिश्नर ने मिलवार ब्यौरा उपलब्ध कराने को कहा है। चीनी मिलों का यह भी तर्क था कि संसाधनों के आधार पर चीनी की प्रति क्विंटल कीमत गन्ना रिकवरी के आधार पर 3400 से 3500 रुपये प्रति क्विंटल आ रही है। बाजार रेट कम हैं। मिलों की ओर से शासन को प्रत्यावेदन दिया गया है। कमिश्नर ने मिलों से भुगतान मे तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। मिलों ने बताया है कि 60 से70 प्रतिशत मशीनों की मरम्मत का काम हो गया है । बिजनौर और चांदपुर मिलों मे 10 से 15 प्रतिशत काम हुआ है। डीसीओ के अनुसार चीनी मिलों की ओर से 15 से 25 अक्टूबर के बीच मिल चलाने की बात कही गई है। बैठक में छह मिलों के अध्याशी मौजूद थे।