भागवत कथा श्रवण से ही पापों से मुक्ति संभव: गोपाल दास
धामपुर। संत स्वामी साक्षी गोपालानंद महाराज ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा के श्रवण मात्र से मानव मात्र को पापों को से मुक्ति मिल सकती है। उन्होंने कहा कि धर्म के आधार पर चल कर समाज सेवा करने वालों का ही विश्व में महापुरुषों के रूप में नाम विख्यात होता है। इसलिए मनुष्य को सदैव अच्छे कर्म करने चाहिए। अच्छे कर्मों का उद्भव सत्संग से होता है।
पंजाबी कालोनी में पिस्तारानी की प्रथम पुण्यतिथि पर आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन महाराज ने कहा कि ईश्वर भक्ति से पापों का नाश होता है। ईश्वर के साकार एवं निराकार दोनों रूपों का पूर्ण ज्ञान प्राप्त होता है। अहंकार समूलत: नष्ट होता है। अहंकार की मानव मात्र को महाविनाश का कारक होता है। यह उसी मानव में वास करता है। जो अज्ञानी होता है। जिसमें अध्यात्मिक ज्ञान नहीं होता। अध्यात्मिक ज्ञान के लिए सत्संग जरूरी है। सत्संग श्रीमद्भागवत कथा के सुनने और सुनाने से प्राप्त होता है। कार्यक्रम में महंत राधेश्याम व्यास, शशिकांत वशिष्ट, गौरव वशिष्ट, सौरभ वशिष्ट, मनोज दुआ, कृष्णलाल दुआ, एमसी मित्तल, अशोक अग्रवाल, जितेंद्र मोहन कपूर, राजेंद्र अरोड़ा, उषा, दीपा चानना, राहुल देव शर्मा रहे।