दो जगह से राशन लेने वालों पर शिकंजा
बिजनौर। राष्ट्रीय खाद्यान्न सुरक्षा योजना में अब आधार नंबर के जरिये राशन लेने में डूप्लीकेसी रोकी जाएगी। इसके लिए पात्र परिवारों द्वारा दर्शाए गए सभी सदस्यों के आधार नंबर राशन कार्ड से लिंक किए जाएंगे। कोई भी अब योजना में दो जगह से राशन नहीं ले सकेगा।
सभी को भोजन उपलब्ध कराने के लिए केंद्र सरकार द्वारा राष्ट्रीय खाद्यान्न सुरक्षा योजना संचालित की जा रही है। योजना में पात्र परिवारों को दो रुपये प्रति किलोग्राम की दर से गेहूं और तीन रुपये प्रति किलोग्राम की दर से चावल दिया जाता है। योजना में महिला को परिवार का मुखिया माना गया है। योजना में पात्रता के लिए मुखिया के आधार नंबर को अनिवार्य किया गया था। अब राशन लेने के लिए शहर के राशन डीलरों पर ईपोस मशीनें लगाई गई हैं। यानि अंगूठे के निशान से ही राशन दिया जा रहा है। अब शासन की योजना मुखिया द्वारा दर्शाए गए परिजनों के आधार नंबर भी राशन कार्ड से लिंक कराने की है। इससे अगर किसी ने एक ही नाम पर अलग-अलग राशन कार्डों में दर्ज करा रखा है तो उनकी डूप्लीकेसी पकड़ में आ जाएगी। साथ ही मुखिया के अलावा बाकी परिजन भी आधार लिंक होने के बाद अपने अंगूठे के निशान से राशन ले सकेंगे।
जिले में करीब पौने छह लाख राशन कार्ड हैं। इनमें 20 हजार पहले अंत्योदय कार्ड धारक थे, ऐसे पात्र परिवारों को हर महीने 20 किलोग्राम गेहूं, 15 किलोग्राम चावल दिए जाते हैं। बाकी पात्र बीपीएल श्रेणी से शामिल किए गए हैं। इनमें राशन कार्ड में शामिल प्रति सदस्य के हिसाब से हर महीने तीन किलोग्राम गेहूं और दो किलोग्राम चावल दिए जाते हैं। जिला पूर्ति अधिकारी मनीष कुमार के अनुसार सभी पात्र परिवार अपने परिजनों के आधार कार्ड की फोटो कॉपी जल्द से जल्द राशन डीलर के पास जमा करा दें।