पीओएस मशीन नहीं मिली तो लाइसेंस होगा रद्द
बिजनौर। शासन उर्वरक बिक्री को लेकर सख्त हो गया है। जिले के फुटकर उर्वरक विक्रेताओं को पीओएस अर्थात (प्वाइंट आफ सेल मशीन) लगवाना जरूरी है। मशीन नहीं होने पर लाइसेंस रद्द होगा। उर्वरक बिक्री अधिनियम के अंतर्गत उर्वरक बिक्री प्रमाण पत्र निरस्त होगा। पीओएस मशीन के संचालन का दो दिवसीय प्रशिक्षण 26 दिसंबर से शुरू होगा।
जिला कृषि अधिकारी अवधेश कुमार मिश्र के अनुसार शासन ने उर्वरकों में डीबीटी व्यवस्था लागू की है। उर्वरकों पर किसानों को मिलने वाला अनुदान खातों में भेजा जाता है। शासन ने इसके लिए खाद के फुटकर विक्रेताओं पर पीओएस मशीन लगाना अनिवार्य किया है। इसके दायरे में सहकारिता, गन्ना, एग्रो, निजी विक्रेताओं को रखा गया है। अनेक दुकानदारों ने पीओएस मशीन नहीं लगवाई की है। शासन के निर्देश है कि दुकानदार 20 दिसंबर तक पीओएस मशीन जरूर लगवा लें। ऐसा नहीं करने पर उर्वरक बिक्री पर पाबंदी लगा दी जाएगी। दुकानदार को पीओएस मशीन का पंजीकरण कराना जरूरी है। मशीनों की चेकिंग के लिए विशेष अभियान चलेगा। पीओएस मशीन के संचालन का दो दिवसीय प्रशिक्षण 26 दिसंबर से विकास भवन में सुबह 10 बजे से शुरू होगा। दुकानदार पीओएस मशीन के साथ स्टाक रजिस्टर, उर्वरक अधिकार पत्र लाना जरूरी है।