मुख्य निर्वाचन आयुक्त उप्र एवं राज्य सहकारी समिति निर्वाचन आयोग लखनऊ ने सहकारी समितियों की निर्वाचन प्रक्रिया की घोषणा कर दी है। सदस्य के लिए मतदाता सूची का प्रदर्शन 15 जनवरी 2018 से शुरू होगा। मतदान के लिए 29 जनवरी तय है। सभापति और उपसभापति के लिए मतदाता सूची का प्रदर्शन 30 जनवरी 2018 को होगा। उसी दिन नामांकन से लेकर मतदान तक की प्रक्रिया होगी। सहकारिता विभाग चुनाव की तैयारी में जुट गया है।
सहायक निबंधक सहकारी समितियां अमित कुमार त्यागी के अनुसार जिले में 96 किसान सेवा सहकारी समितियां, 26 सहकारी संघ तथा तीन क्रय विक्रय समिति हैं। इन समितियों का चुनाव द्विस्तरीय होता है। समिति सदस्यों के निर्वाचन के लिए अनंतिम मतदाता सूची का प्रदर्शन 15 जनवरी 2108 को होगा। सूची पर आपत्ति 17 जनवरी तक ली जाएंगी। 18 जनवरी को आपत्तियों का निस्तारण करके 19 जनवरी को अंतिम मतदाता सूची का प्रदर्शन होगा। दावेदार 20 जनवरी को नामांकन दाखिल करेंगे। नामांकन पत्रों की जांच 22 जनवरी तथा 23 जनवरी को नाम वापसी है। दावेदारों को 23 जनवरी को चुनाव चिह्न आवंटित होंगे। मतदान 29 जनवरी को सुबह नौ बजे से सायं तीन बजे तक होगा। मतगणना मतदान समाप्त होने के तुरंत बाद होगी। सभापति, उपसभापति और अन्य समितियों के लिए भेजे जाने वाले प्रतिनिधियों के लिए अनंतिम मतदाता सूची का प्रदर्शन 30 जनवरी को होगा। अंतिम सूची, नामांकन, मतदान और मतगणना की प्रक्रिया 30 जनवरी को सुबह साढ़े आठ बजे से शाम तीन बजे तक पूरी होगी।
सहकारिता समितियों की प्रबंध समिति भंग, अंतरिम कमेटी गठित
बिजनौर। एआर सहकारिता के अनुसार शासन ने जिले की सहकारिता समितियों की प्रबंध समितियों को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया है। ऐसा समितियों का कार्यकाल समाप्त होने के कारण किया गया है। अब समितियों के संचालन के लिए अंतरिम कमेटी गठित की गई हैं। कमेटी में तहसीलों के अपर जिला सहकारी अधिकारी और सहायक विकास अधिकारी सहकारिता शमिल हैं।