अमर उजाला ब्यूरो
अमरोहा।
सीडीओ दफ्तर से लेकर पूरे विकास भवन की बिजली गुल है। इंवर्टर जवाब दे चुके हैं। एक ओर जहां कंप्यूटर पर होने वाला आनलाइन कार्य बाधित हो गया है, वहीं दूसरी ओर भीषण गर्मी में कर्मचारी परेशान हैं। तीन दिन से समस्या बनी हुई है। बिजली अधिकारियों ने विकास भवन की वायरिंग में ही गड़बड़ बताकर अपना पल्ला झाड़ दिया है। अब अधिकारियों ने इलेक्ट्रीशियन बुलाकर वायरिंग की चेकिंग शुरू करा दी है।
तीन दिन पहले विकास भवन में रखा ट्रांसफार्मर खराब हो गया था, जिससे आपूर्ति व्यवस्था ध्वस्त हो गई थी। दो दिन का समय बिजली कर्मचारियों ने उसको बदलवाने में लगा दिया। बृहस्पतिवार को टीएफ रखकर सप्लाई चालू कर दी गई, लेकिन जब से विकास भवन के दफ्तर खुले तब से सप्लाई ठप हो गई। बिजली नहीं आने पर अधिकारियों ने एक्सईएन को अवगत कराया, जिस पर जेई ने कर्मचारियों को जांच पड़ताल के लिए मौके पर भेज दिया।
कर्मियों ने जांच की, लेकिन उनको तीनों फेस सही मिले। इसके बाद उन्होंने अधिकारियों को बताया कि ट्रांसफार्मर से विकास भवन तक के तार बिल्कुल सही हैं। गड़बड़ी अंदर की वायरिंग में है। सुनते ही अधिकारी व कर्मचारी उलझन में पड़ गए। चूंकि तीन दिन से विभागीय कार्य बिना कंप्यूटर चले परवान नहीं चढ़ पा रहे हैं। कर्मी भी भीषण गर्मी में बगैर बिजली बेचैन हैं। हर कोई कक्षों से बाहर निकलकर हवा में बैठकर निजात पाने में लगा है। अधिकारियों ने इलेक्ट्रीशियन से वायरिंग की चेकिंग कराने को प्रक्रिया छेड़ दी है। शाम तक सप्लाई बहाल नहीं हो सकी थी।
विकास भवन की अंदर की वायरिंग में कोई गड़बड़ है। टीएफ से विकास भवन तक के तीनों फेस में बिजली है। अंदर की वायरिंग चेक कराने की जिम्मेदारी विकास भवन के ही अधिकारियों की है। इस संबंध में प्रशासनिक अधिकारी को बता दिया गया है।
- राजवीर सिंह कटारिया, जेई न्यू कलक्ट्रेट बिजलीघर।