बिजनौर। शासन ने जूनियर हाई स्कूलों में मानदेय पर तैनात अनुदेशकों के अप्रैल व मई माह के मानदेय का भुगतान सात हजार रुपये प्रति माह के हिसाब से धनराशि भेजी है। इसे लेकर अनुदेशकों में उबाल है। मानदेय कटौती होने पर अनुदेशकों ने आंदोलन की चेतावनी दी है।
जिले के जूनियर हाई स्कूलों में 419 अनुदेशक तैनात हैं। मानदेय के रूप में प्रत्येक अनुदेशक को 8470 रुपये प्रति महीने के हिसाब से भुगतान होता रहा है। शासन ने आठ मार्च 2017 को अनुदेशकों का मानदेय 8470 रुपये से बढ़ा कर 17000 रुपये करने की घोषणा की थी। मगर, अभी तक इस पर कोई काम नहीं किया गया। अभी तक शिक्षा मित्रों को अप्रैल से मानदेय का भुगतान नहीं हुआ है। अपर परियोजना निदेशक डॉ. सरिता तिवारी ने अब अनुदेशकों को अप्रैल व मई के महीने के मानदेय मात्र सात-सात हजार रुपये का भुगतान करने के आदेश दिए हैं। इसे लेकर अनुदेशक असमंजस में है। अनुदेशकों ने मानदेय कटौती करने पर चिंता जताई है। अनुदेशकों का कहना है कि सरकार ने वर्ष 2017 में मानदेय 17000 हजार रुपये प्रति महीने करने की घोषणा की थी। उन्हें घोषणा के अनुसार ही भुगतान किया जाना चाहिए। अनुदेशक एसोसिएशन के पूर्व जिलाध्यक्ष देवेंद्र पाल सिंह, मुकुल पाल, कुलदीप सिंह, अंकित कुमार, हर्षदीप आदि ने बताया कि अनुदेशकों को समय पर मानदेय नहीं मिल रहा है। ऊपर से मानदेय में कटौती करने का प्रयास किया जा रहा है। ऐसी स्थिति में अनुदेशकों के सामने आर्थिक तंगी आ जाएगी। शासन को अनुदेशकों के हितों का ध्यान रख कर मानदेय का भुगतान किया जाना चाहिए।