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खतौनी न देने वाले किसानों के गन्ना सट्टे होंगे बंद 19-38-48

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खतौनी न देने वाले किसानों के गन्ना सट्टे होंगे बंद
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बिजनौर। गन्ना विभाग को जमीन की खतौनी न देने वाले किसानों पर इस बार शासन सख्ती बरतने के मूड़ में है। पिछले साल खतौनी न जमा करने वाले किसान इस बार भी खतौनी जमा नहीं कराएंगे तो उनके गन्ना सट्टे नहीं चलाए जाएंगे। खतौनी के आधार पर गन्ना विभाग किसानों की वास्तविक जमीन का मिलान करेगा। खतौनी जमा न करने वाले किसानों को अब नोटिस जारी किए जा रहे हैं।
पेराई सत्र 2017-2018 में गन्ने की बंपर पैदावार चीनी मिल और किसान दोनों के लिए जी का जंजाल बन गई थी। बंपर पैदावार से इतनी अधिक चीनी हुई की चीनी के दाम रसातल में चले गए। तब गन्ना विभाग ने बिना जमीन के अवैध कब्जे कर गन्ना बोने वाले माफियाओं के खिलाफ अभियान चलाया था। पिछले साल किसानों की खतौनी लेनी शुरू कर दी थी। खतौनी में तब काफी हेरफेर भी सामने आई थी। पांच पांच बीघा जमीन वाले किसान ने काफी ज्यादा जमीन की खतौनी जमा करके अपनी वास्तविक क्षमता से कई गुना ज्यादा सट्टा चला रखा था। मिलान के बाद इन किसानों पर सख्ती की गई थी। चीनी मिलों द्वारा गन्ना सर्वे को हाथ खड़ा करने से समिति कर्मचारियों के सर्वे कार्य में लगने आदि वजहों से तब ऐसे किसानों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई थी। जिन किसानों ने पिछले साल खतौनी जमा नहीं की थी उन्हें इस साल खतौनी जमा करनी होगी। इसके लिए गन्ना विभाग ऐसे किसानों को नोटिस जारी कर रहा है।
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किसानों के हिस्सों का होगा विभाजन
खतौनी में कई किसानों के संयुक्त खाते होते हैं। इन संयुक्त खातों में कई बार किसानों को ज्यादा गन्ना पर्ची मिल जाती हैं। ऐसी खतौनी में गन्ना विभाग इस बार जमीन का विभाजन करेगा। यह देखा जाएगा कि कोई किसान वास्तव में कितनी जमीन पर काबिज है। उसी के आधार पर किसानों के सट्टे चलाए जाएंगे।
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जमा करनी ही होगी खतौनी
जिला गन्ना अधिकारी यशपाल सिंह के अनुसार जिन किसानों ने पिछले साल खतौनी जमा नहीं की उन्हें इस साल खतौनी जमा करनी ही होगी। ऐसा न करने वाले किसानों के गन्ना सट्टे बंद कर दिए जाएंगे।
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