नियम विरुद्ध कर दी प्रशासक की नियुक्ति
बिजनौर। भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य सैयद फैयाज हुसैन जैदी ने उत्तर प्रदेश शिया सेंट्रल बोर्ड के मुख्य कार्यपालक अधिकारी डॉ. मोहम्मद नसीर हसन पर सिरसी निवासी चौधरी उरुज आलम को दरगाहे आलिया नज्फे हिंद का नया प्रशासक नियम विरुद्ध नियुक्त करने का आरोप लगाया है। सैयद फैयाज हुसैन ने उरुज आलम पर गंभीर आरोप लगाते हुए तत्काल प्रभाव से हटाने की मांग की है। इस मामले की मुख्यमंत्री से शिकायत की गई है।
मुख्यमंत्री को भेजे प्रार्थना पत्र में भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य सैयद फैयाज हुसैन जैदी ने बताया कि दरगाहे आलिया नज्फे हिंद जोगीरम्पुरी के प्रशासक पद के लिए एक अगस्त 2018 को शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड की ओर से सैयद कैसर अली बाकरी को प्रशासक नियुक्त किया था। आरोप लगाया कि दरगाह की कमेटी के भ्रष्टाचार में लिप्त होने के कारण उरुज आलम को 18 जून 2018 को हटा दिया गया था। इसके बावजूद 13 जून 2019 को उत्तर प्रदेश शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड के मुख्य कार्यपालक अधिकारी मोहम्मद नसीर हसन ने सिरसी निवासी चौधरी उरुज आलम को दरगाह का नया प्रशासक नियुक्त कर दिया। जबकि कैसर अली को अग्रिम आदेशों तक प्रशासक रहने का अधिकार दिया गया था। आरोप है कि कमेटी के पूर्व अध्यक्ष उरुज आलम को तत्काल प्रभाव से हटाने की मांग की है। उनके अनुमोदन पर इस मामले में उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोशियारी, उत्तर प्रदेश के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी, खेल मंत्री चेतन चौहान, नगीना के पूर्व सांसद डा. यशवंत सिंह, पूर्व जिलाध्यक्ष महेंद्र धनौरिया, पश्चिमी उत्तर प्रदेश अध्यक्ष अश्वनी त्यागी आदि ने सैयद फैयाज हुसैन जैदी के सचिव पद के लिए अनुमोदन कर चुके हैं।