बिजनौर। शासन के निर्देश पर जिले के स्कूलों में आज से स्वच्छता अभियान चलेगा। एक जुलाई से बच्चों का शिक्षण कार्य शुरू कराया जाएगा। इसके पहले स्कूलों की साफ सफाई करने के आदेश दिए गए हैं। शासन के निर्देश पर शिक्षा विभाग के अफसर भी हरकत में है। स्कूलों को खोल कर कार्य करने के लिए कहा गया है। दूसरी ओर, शिक्षक संगठनों ने जून के महीने में स्कूल खोलने के लिए अर्जित अवकाश देने की मांग की है।
जिले के माध्यमिक व परिषदीय स्कूलों में 21 मई से 30 जून तक ग्रीष्मकालीन अवकाश रहता है। मगर, शासन ने स्कूलों में 25 जून से स्वच्छता अभियान चलाने के निर्देश अफसरों को दिए गए हैं।बीएसए महेश चंद्र ने शिक्षकों को स्कूल खोल कर स्वच्छता अभियान के तहत स्कूलों की साफ सफाई कराने को कहा है ताकि एक जुलाई से पूर्व स्कूलों में स्वच्छता संबंधी सारे काम पूरे हो जाए। जिन स्कूलों की रंगाई पुताई किसी कारण अभी तक नहीं हुई, इस इस अवधि में वह भी स्कूलों की रंगाई पुताई का कार्य पूरा करा लें। परिषदीय स्कूलों की साफ सफाई के कार्य लिए जिले के खंड शिक्षा अधिकारियों को नजर रखने को कहा गया है। उधर, जिला पंचायत राज विभाग के सफाई कर्मचारियों को 25 जून को अपने क्षेत्रों के स्कूलों की साफ सफाई करने को कहा गया है।
अवकाश में स्कूल खुलने से नाराज हैं शिक्षक
शिक्षक संगठनों ने 25 जून से स्कूल खोलने के आदेश पर कड़ी आपत्ति दर्ज की है। उप्र माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रांतीय अध्यक्ष व शिक्षक विधायक ओमप्रकाश शर्मा ने शासन को भेजे प्रस्ताव में शिक्षक सेवा नियमावली का हवाला देते हुए कहा कि प्रदेश में कोई आपातकाल की घोषणा भी नहीं है, न जनगणना व न ही चुनाव हो रहे है। ग्रीष्मकालीन अवकाश का परित्याग कर ग्रीष्मकालीन अवकाश में स्कूलों में उपस्थित होना बाध्यकारी स्थित नहीं है। दूसरी ओर विधान परिषद सदस्य जगवीर किशोर जैन ने बताया ग्रीष्मकालीन अवकाश का परित्याग कर शिक्षकों का विद्यालयों में उपस्थित होना बाध्यकारी नहीं है। पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष सुधीर कुमार यादव ने बताया कि ग्रीष्मकालीन अवधि में स्कूल खुलवाने पर शिक्षकों को अर्जित अवकाश दिया जाना चाहिए।