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तबादले के लिए सोशल मीडिया का सहारा

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तबादले के लिए सोशल मीडिया का सहारा
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बिजनौर। शासन ने परिषदीय स्कूलों के शिक्षकों के तबादले करने के आदेश जारी कर दिए हैं। तबादलों में सबसे आसान तरीका पारस्परिक तबादले का है। पारस्परिक तबादला चाहने वाले शिक्षक सोशल मीडिया का सहारा ले रहे हैं। जिले में काफी संख्या में ऐसे शिक्षक हैं जो अपने मूल ब्लॉक से दूसरे ब्लॉक में तैनात हैं तथा घर से 60 से 80 किलोमीटर की दूसरी तक का सफर तय करते हैं।
शासन द्वारा शिक्षकों के तबादला नीति जारी होते ही शिक्षा विभाग भी हरकत में आ गया है। शिक्षकों के तबादले के लिए ताना बाना बुना जाना शुरू हो गया है। जिले में काफी संख्या में ऐसे शिक्षक है जो अपने घरों से 60 से 80 किलोमीटर तक की दूरी पर तैनात हैं। यह शिक्षक आए दिन परेशानी में रहते हैं। लंबे समय से जिले में शिक्षकों के तबादले नहीं होने से दिक्कत हो रही थी। जिले में भी एक ब्लॉक से दूसरे ब्लॉक में तबादला चाहने वालों की संख्या की भरमार है। आसानी से इन शिक्षकों के तबादले होने भी मुश्किल हैं। शासन ने पारस्परिक तबादलों को तरजीह देने के निर्देश दिए हैं। पारस्परिक तबादला चाहने वाले शिक्षक तबादले के लिए अब सोशल मीडिया का सहारा ले रहे हैं। शिक्षकों के व्हाट्सएप ग्रुप में आए दिन पारस्परिक तबादले चाहने वाले शिक्षक अपने साथी शिक्षक की खोज करते रहते हैं।
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ब्लॉक मोहम्मदपुर देवमल, किरतपुर, हल्दौर, अल्हैपुर में तैनाती चाहने वाले शिक्षकों की संख्या ज्यादा है। अब तक करीब 200 से ज्यादा शिक्षक ऐसे हैं जो पारस्परिक तबादले की फरियाद लगा चुके हैं। ब्लॉक अफजलगढ़, बुढ़नपुर, ऑकू के शिक्षक भी जिला मुख्यालय के आसपास के स्कूलों में तबादला कराने की जुगत लगा रहे हैं। उप्र जूनियर हाई स्कूल शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष सुधीर कुमार यादव, मंत्री दुष्यंत कुमार ने बताया कि शिक्षकों को उनके गृह ब्लॉक में तैनाती दी जाए। जबकि प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला मंत्री प्रशांत सिंह व ब्लॉक अध्यक्ष अरविंद चौधरी ने बताया कि शिक्षकों की समस्याओं का निस्तारण किया जाए। दूसरी ओर, जिले मे तैनात दूसरे जनपद के शिक्षकों ने भी गृह जनपद में तबादले के लिए अर्जी लगानी शुरू कर दी है।
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