मेरठ व मुजफ्फरनगर के शूटरों ने की हाजी अहसान व शादाब की हत्या
पुलिस शूटरों तक पहुंची, कई टीम शूटरों को दबोचने के लिए हुईं रवाना
पुलिस को शक शाहनवाज ने ही अपने शूटरों से ही दिलाया घटना को अंजाम
बिजनौर। पुलिस को शक है कि डॉन बनने की चाहत में नजीबाबाद के बसपा नेता व प्रॉपर्टी डीलर हाजी अहसान व उसके भांजे शादाब का कत्ल शाहनवाज ने ही कराया है। पुलिस घटना को अंजाम देने वाले शूटरों तक पहुंच गई है। मेरठ व मुजफ्फरनगर के शूटरों ने घटना को अंजाम दिया। एक स्थानीय शूटर भी इनके साथ रहा। पुलिस की कई टीम शूटरों को दबोचने के लिए निकली है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि कहीं अजमल पहाड़ी व शाहनवाज एक तो नहीं हो गए हैं। दोनों ही हाजी अहसान को ठिकाने लगाने की फिराक में लगे थे। वेस्ट यूपी के बड़े गैंग से भी इसके लिए मदद मांग रहे थे।
मंगलवार को नजीबाबाद में हाजी अहसान व उनके भांजे शादाब को शूटरों ने उनके कॉम्प्लैक्स के कार्यालय में ही गोलियों से भून डाला था। हाजी अहसान दिल्ली से लेकर नजीबाबाद तक प्रॉपर्टी का कारोबार करता था। तमाम लोगों से हाजी अहसान की दुश्मनी थी। नजीबाबाद की एक करोड़ों की जमीन को कब्जाने को लेकर हाजी अहसान विवादों में आ गया था। साथ के प्रॉपर्टी डीलरों से भी उनकी ठन गई थी। गांव कनकपुर का शाहनवाज व मुजफ्फरनगर का अजमल पहाड़ी दोनों ही हाजी अहसान को ठिकाने लगाने की फिराक में थे। पुलिस सूत्रों के मुताबिक शाहनवाज ने दो साल पहले हाजी अहसान को धमकाकर उससे पांच लाख रुपये भी वसूले थे। रुपये न देने पर खात्मा करने की धमकी दी थी। हाजी अहसान ने शाहनवाज को काबू करने के लिए खूब जाल बिछाया, पर उसमें सफल नहीं हुआ। अजमल पहाड़ी से हाजी अहसान की दुश्मनी किसी से छिपी नहीं थी। हाजी अहसान ने नजीबाबाद से लेकर दिल्ली तक अजमल पहाड़ी का खूब इस्तेमाल किया। सूत्र कहते हैं कि उससे खूब हत्याएं कराईं पर कोई पैसा नहीं दिया। पिछले दिनों गाजियाबाद में रंगदारी के मामले में जब अजमल पहाड़ी दबोचा गया तो उसने रंगदारी मंगवाने में हाजी अहसान का नाम लिया था। शाहनवाज चाहता था कि हाजी अहसान को मारकर वह नजीबाबाद का डॉन बन जाए और सारी प्रॉपर्टी पर उसके कब्जे हो जाएं। शाहनवाज व अजमल पहाड़ी हाजी अहसान को ठिकाने लगाने के लिए वेस्ट यूपी के कई बड़े गैंग की भी मदद ले रहे थे। हालांकि शाहनवाज पूर्वांचल के एक बड़े गैंग से जुड़ा हुआ है। यह बात पुलिस भी जानती है। पूर्वांचल के इस गैंग के वेस्ट यूपी तक तार जुड़े हैं। पुलिस हाजी अहसान व उसके भांजे शादाब को ठिकाने लगाने वाले शूटरों तक पहुंच गई है। पुलिस की मानें तो मेरठ व मुजफ्फरनगर के शूटरों ने दोनों की हत्या की। एक स्थानीय शूटर उनकी मदद के लिए रहा। घटना को अंजाम देने वाले शूटर नई उम्र के हैं। शाहनवाज को नई उम्र के लड़कों को अपने साथ रखकर उन्हें शूटर बनाने का पुराना शौक है। पुलिस शाहनवाज की तलाश में जुटी है पर वह पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ रहा है। अजमल पहाड़ी गाजियाबाद की डासना जेल में सलाखों के पीछे है। पुलिस को पूरी तरह शक है कि शाहनवाज ने ही हाजी अहसान व उनके भांजे शादाब की हत्या कराई है। किसी बड़े प्रॉपर्टी डीलर ने शाहनवाज को इस काम को अंजाम देने के लिए उसके सिर पर हाथ रख दिया। यह प्रॉपर्टी डीलर कौन है पुलिस पता लगाने में जुटी है। पुलिस की कई टीम शूटरों की तलाश में निकली है। सीओ नजीबाबाद महेश कुमार के मुताबिक पुलिस शूटरों तक पहुंच गई है। जल्द ही इस दोहरे हत्याकांड का खुलासा होगा।