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दो सदस्य टीम करेगी पेडों के कटान की जांच

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दो सदस्यीय टीम करेगी पेड़ों के कटान की जांच
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बिजनौर। गांख शेखपुरा हुुसैनपुर के प्राथमिक, उच्च प्राथमिक स्कूल के 100 पेड़ों की नीलामी शिक्षकों के लिए मुसीबत बन गई है। छह लाख रुपये में बिके पेड़ों में खेल होने पर बेसिक शिक्षा विभाग में हड़कंप मचा है। बीएसए महेश चंद्र ने पूरे प्रकरण की जांच के लिए दो सदस्यीय टीम गठित कर जांच आख्या देने के निर्देश दिए हैं। स्कूल के शिक्षक, एसएमसी अध्यक्ष, ग्राम प्रधान मामले को रफादफा करने में जुटे हैं।
ब्लॉक मोहम्मदपुर देवमल के गांव शेखुपरा हुसैनपुर के प्राथमिक, उच्च प्राथमिक विद्यालय के प्रांगण में 100 पेड़ों की नीलामी छह लाख रुपये में की गई थी। इस धनराशि को शिक्षा विभाग के अफसरों की अनुमति के बिना ही खुर्द बुर्द कर दिया गया। अधिकारियों को भनक तक नहीं लगने दी गई। सूचना अधिकार अधिनियम के तहत मांगी गई सूचना से इसका खुलासा होने पर शिक्षा विभाग के अफसरों ने मामले का संज्ञान लिया। बीईओ मोहम्मदपुर देवमल अजय कुमार ने स्कूल के शिक्षक का जवाब तलब किया है। लेकिन साक्ष्य ठीक नहीं होने पर पूरा मामला बीएसए को बताया गया। अब बीएसए महेश चंद्र ने प्रकरण की जांच के लिए दो सदस्यीय टीम गठित कर दी है। बीएसए ने बताया कि बीईओ हल्दौर पीके कौशिक और जिला समन्वयक प्रशिक्षण धनपाल सिंह को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। जांच टीम जल्द ही बीएसए को जांच रिपोर्ट सौंपेगी। जांच टीम यह भी देखेगी कि पेड़ों के कटान से आमद छह लाख रुपये की धनराशि को बेसिक शिक्षा विभाग या स्कूल के किस खाते में जमा किया गया है। स्कूल में इस धनराशि से किए गए कार्यों के लिए शिक्षा विभाग के अफसरों से अनुमति ली गई है या नहीं।
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स्कूल की कंपोजिट ग्रांट भी संदेह के घेरे में
गांव शेखपुरा हुसैनपुर के प्राथमिक, उच्च प्राथमिक विद्यालय एक ही प्रांगण में हैं। जब स्कूल के 100 पेड़ काटे गए तभी बेसिक शिक्षा विभाग से स्कूल में कंपोजिट ग्रांट के रूप में करीब 75 हजार रुपये की धनराशि भेजी गई थी। यदि पेड़ों की धनराशि से स्कूल में कार्य कराया गया है तो कंपोजिट ग्रांट का प्रयोग किस रूप में किया गया है। स्कूल का यह मामला भी संदेह के घेरे में है। अब शिक्षा विभाग के अफसर कंपोजिट ग्रांट के प्रयोग की जांच पड़ताल में भी जुटे हैं।
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