बहुमंजिला इमारतों में अग्नि सुरक्षा के मानक ताक पर
बिना अनापत्ति प्रमाणपत्र लिए ही चल रहे व्यावसायिक कार्यालय
सूरत में हुए हादसे से भी नहीं हुआ प्रशासन सक्रिय
अमर उजाला ब्यूरो
बिजनौर। सूरत में कोचिंग सेंटर में आग लगने से विद्यार्थियों की मौत ने सभी को प्रभावित किया है। जिले में दर्जनों भवनों में कोचिंग सेंटर, दुकान तथा अन्य प्राइवेट कार्यालय ऐसे ही चल रहे हैं। नियमों को ताक पर रखकर ये कार्यालय चल रहे हैं। प्रशासनिक अधिकारी भी शायद किसी हादसे का इंतजार कर रहे हैं।
बहुमंजिला व्यावसायिक इमारत में आने वाली जनता को आपदा के समय बाहर सुरक्षित निकालने के लिए कई नियम होते हैं। लेकिन इन नियमों का पालन करने पर कोई भी ध्यान नहीं देता। नियमों को ताक पर भवनों में व्यावसायिक कार्यालय चलाए जा रहे हैं। जिले में अधिकतर कोचिंग सेंटर बहुमंजिला इमारतों में चल रहे हैं। इमारत में ऊपर से नीचे आने के लिए केवल एक ओर ही सीढ़ियां बनी होती हैं वो भी संकरी। किसी किसी भवन में तो सीढ़ियां भी घुमावदार हैं। अगर जीने के पास कोई अप्रिय हादसा होने लगे तो नीचे उतरने के लिए कोई विकल्प नहीं होता है। नियमों को ताक पर रखकर चलाए जा रहे इन भवनों में आने वालों की सुरक्षा भी राम भरोसे है। कई जगह तो स्कूलों व अस्पतालों में भी आग से सुरक्षा के इंतजाम नहीं हैं। अग्रिकांड की स्थिति में जनता को अपनी जान बचाना मुश्किल हो सकता है। जिले की कई बैंक शाखाओं में भी निकलने के लिए एक ही द्वार होता है, उसके चैनल पर भी लोहे की जंजीर बंधी रहती है। इसमें एक बार में एक ही व्यक्ति निकल सकता है।
यह हैं नियम
सीढ़ियों की चौड़ाई कम से कम छह मीटर से नौ मीटर हो चाहिए।
भवन के ढांचे के अनुसार दो जीने बने हों।
हर कार्यालय में आग बुझाने वाले सिलेंडर लगाए जाएं।
बड़े कार्यालयों में स्मोक डिटेक्टर व आग बुझाने को स्प्रिंकलर लगे होने से चाहिए।
भवनों में आग बुझाने के लिए पाइप लगे होने आवश्यक हैं।
मानकों पर नहीं ध्यान
बहुमंजिला इमारतों में कार्यालय संचालित करने के लिए अग्निशमन विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र लेना होता है। लेकिन जिले में बिना अनापत्ति प्रमाण पत्र लिए ही व्यावसायिक संस्थान संचालित किए जा रहे हैं। अग्निशमन विभाग के मानकों को पूरा करने में किसी का ध्यान नहीं है।
नोटिस जारी किए
प्रभारी अग्निशमन अधिकारी प्रमोद कुमार के अनुसार नियमों के अनुसार संचालित न हो रहे कार्यालयों को नोटिस जारी किए गए हैं। अग्नि सुरक्षा से जुड़ मानकों को सभी भवनों में पूरा किया जाएगा। मानकों को पूरा न करने वालों के खिलाफ कार्रवाई होगी।