बिजनौर। सांसद डा यशवंत सिंह ने भारतीय स्टेट बैंक के शासकीय योजनाओं एवं कार्यक्रमों में अपेक्षित सहयोग न करने ,बैंकर्स की त्रैमासिक बैठक में लगातार अनुपस्थित रहने तथा जिला प्रशासन के साथ असहयोगी पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने जिलाधिकारी को निर्देश दिए कि स्टेट बैंक बिजनौर के नोडल अधिकारी के खिलाफ शासन तथा बैंक के उच्च अधिकारियों को लिखें।
डा. यशवंत सिंह ने कलक्ट्रेट सभागार में हुई बैंकर्स की बैठक की इस बात पर खेद जताया कि कुछ बैंक द्वारा शासन द्वारा संचालित योजनाओं एवं कार्यक्रमों में सहयोग न कर सरकार की छवि को धूमिल करने का प्रयास किया जा रहा है। कहा कि यह स्थिति अत्यंत आपत्तिजनक हैं। इसमें अपेक्षित सहयोग नहीं किया जा रहा है और पात्र लाभार्थियों को ऋण न करा कर केंद्र एवं राज्य सरकार की छवि को धूमिल किया जा रहा है। उन्होंने लीड बैंक अधिकारी को निर्देश दिए कि वे उन बैंकों की सूची उन्हें उपलब्ध कराएं, जो शासकीय योजनाओं में पात्रता के बावजूद लाभार्थियों को ऋण उपलब्ध नहीं करा रहे है, ताकि उसे शासन एवं वित्त मंत्रालय के संज्ञान में लाया जा सके। कलक्ट्रेट सभागार में हुई बैंकर्स की बैठक की अध्यक्षता करते हुए उन्होंने डीएम से कहा कि स्टेट बैंक अधिकारियों को लिखे पत्र की एक कापी उन्हें भी उपलब्ध कराएं ताकि वे उसे वित्त मंत्रालय के उच्च अधिकारियों को प्रेषित कर सकें। उन्होंने स्पष्ट किया कि पात्र लाभार्थियों के साथ असहयोगी रवैया कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा । इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी डा इन्द्रमणि त्रिपाठी, उप कृषि निदेशक जे एस चौधरी, जिला कृषि अधिकारी डा अवधेश मिश्रा, लीड बैंक अधिकारी, आरबीआई एवं नाबार्ड के अधिकारी सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारी एंव बैंकर्स मौजूद थे।
फूड प्रोसेसिंग यूनिट की स्थापना के लिए बनाएं कार्ययोजना
जिलाधिकारी अटल कुमार रॉय ने जिला उद्यान अधिकारी को निर्देश किए कि जिले में आम की फसल के लिए पैकिंग हाउस निर्माण के लिए कवायद शुरू कर दें ताकि स्थानीय आम के उत्पादकों को उसका लाभ प्राप्त हो सके। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि जिले में नई फूड प्रोसेसिंग यूनिटों की स्थापना के लिए कार्य योजना बनाएं और कंपनियों से संपर्क स्थापित कर यूनिटों में होने वाले उत्पादन के उचित दाम दिलाना सुनिश्चित करें। समीक्षा के दौरान संज्ञान में आया कि किसानों की रबी फसल का मात्र 20 प्रतिशत ही बीमा किया गया है, जो अत्यन्त आपत्तिजनक है। उन्होंने जिला लीड प्रबंधक को निर्देश दिये कि बैंकवार किसान फसल बीमा की प्रगति की समीक्षा कर उन्हें आख्या उपलब्ध करायें कि किन बैंकों द्वारा अभी तक किसानों का काटा गया प्रीमियम बीमा कंपनियों को उपलब्ध नहीं कराया है ताकि दोषी बैंकर्स के खिलाफ कार्रवाई अमल में लायी जा सके। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि बैंक और कृषि विभाग आपस में सामंजस्य स्थापित कर किसानों के हितों का सम्मान करें।